कहते हैं कि बड़े सपने देखने के लिए उम्र नहीं, हौसला चाहिए और इसे सच कर दिखाया है झारखंड के 7 साल के नन्हे तैराक इशांक सिंह ने. जिस समंदर को पार करना बड़ेबड़े तैराकों के लिए भी चुनौती होता है, उसे इस बच्चे ने महज 9 घंटे 50 मिनट में पार कर इतिहास रच दिया. भारत और श्रीलंका के बीच फैले 29 किलोमीटर लंबे पॉक स्ट्रेट को पार करना किसी रोमांच से कम नहीं, लेकिन इशांक ने अपने जज्बे और मेहनत से इसे संभव बना दिया. उनकी इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया है.

क्या है इशांक की उपलब्धि?
झारखंड के 7 साल के इशांक सिंह ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो हर किसी को हैरान कर रहा है. उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच स्थित 29 किलोमीटर लंबे पॉक स्ट्रेट को लगभग 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर पार किया. यह सफर बेहद खतरनाक माना जाता है, जहां तेज लहरें और समुद्री परिस्थितियां बड़ी चुनौती होती हैं. इतनी कम उम्र में इस दूरी को तय करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. इशांक की इस कामयाबी ने उन्हें दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराकों में शामिल कर दिया है, जिन्होंने यह कठिन लक्ष्य हासिल किया है.
इशांक की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कई बड़े नेताओं और लोगों ने उन्हें बधाई दी है. झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा कि इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना असाधारण प्रतिभा का उदाहरण है. वहीं रांची से सांसद Sanjay Seth ने भी इशांक को बधाई देते हुए इसे देश के लिए गर्व का पल बताया. हर तरफ इस नन्हे तैराक की सराहना हो रही है.
कैसे बना वर्ल्ड रिकॉर्ड?
इशांक सिंह ने 29 किलोमीटर लंबा पॉक स्ट्रेट 9 घंटे 50 मिनट में पार कर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है. उनकी इस उपलब्धि को यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम ने ‘यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पॉक स्ट्रेट स्विमर’ के रूप में मान्यता दी है. यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है. इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी चुनौती को पार करना यह साबित करता है कि अगर लक्ष्य तय हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती.
पहले किसके नाम था रिकॉर्ड?
इशांक से पहले यह रिकॉर्ड तमिलनाडु के जय जसवंत के नाम था, जिन्होंने 10 साल की उम्र में यह दूरी 10 घंटे 30 मिनट में पूरी की थी. इसके अलावा जिया राय ने 13 साल की उम्र में 13 घंटे में यह सफर तय किया था, जबकि संपन्ना रमेश शेलार ने 21 साल की उम्र में 5 घंटे 30 मिनट में इसे पार किया था. इशांक ने इन सभी को पीछे छोड़ते हुए सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की है. उनकी यह सफलता आने वाले समय में और बच्चों को प्रेरित करेगी.



