Healthy Indian Snacks: आज के समय में फास्ट फूड खाने को इसलिए पसंद किया जाता है, क्यों कि यह आसान है और जल्दी बन जाता है, लेकिन भारत के सभी घरों में कुछ पारंपरिक नाश्ते ऐसे होते हैं, जो बिना किसी मैदा, अधिक नमक और प्रीजर्वेटिव के बनाए जाते थे।

बर्गर, रैप्स और पैकेट वाले चिप्स के चलन से पहले भारतीय घरों में ऐसे कई पारंपरिक स्नैक्स बनाए जाते थे, जो स्वादिष्ट औऱ सेहत से भरपूर होते थे। इन स्नैक्स को खाने से पहले किसी न्यूट्रिशनल वैल्यू के चाट को पढ़ने की जरूरत नहीं होती थी।
दाल, गुड़, मुरमुरे और उस क्षेत्र विशेष में पाए जाने वाली सामग्रियों से ये नाश्ते बड़े ही आसानी से बन जाते थे। ये स्नैक्स बिना अधिक तले हुए या प्रोसेस्ड इंग्रीडिएंट्स के भी बेहतरीन स्वाद देते हैं। अगर आप भी इन पुरानी हेल्दी स्नैकिंग को अपने हल्के फुल्के नाश्ते के रूप में अपनाना चाहते हैं, तो ये ऑप्शन बेहतर है।
भुना चना
भुना चना एक आसान, स्वादिष्ट और हेल्दी स्नैक है। इसमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। यह दोपहर की भूख शांत करने के लिए बेहतरीन विकल्प है और अतिरिक्त कैलोरी भी नहीं बढ़ाता।
हेल्दी स्नैक
मखाना मिक्स
भुने हुए मखाने हल्के, कुरकुरे और स्वादिष्ट होते हैं। हल्के मसालों के साथ तैयार किया गया मखाना मिक्स चाय के साथ खाने के लिए अच्छा विकल्प है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। यह डीप फ्राइड स्नैक्स की तुलना में अधिक हेल्दी माना जाता है।
मखाना
हांडवो बाइट्स
पश्चिम भारत में लोकप्रिय हांडवो दाल और चावल के घोल से बनाया जाता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर होता है और पैकेज्ड स्नैक्स का बेहतर विकल्प माना जाता है।
हांडवो
पीठा
पूर्वी भारत के कई राज्यों में पसंद किया जाने वाला पीठा चावल से बनने वाला पारंपरिक व्यंजन है। इसे अलगअलग क्षेत्रों में मीठे और नमकीन दोनों स्वाद में बनाया जाता है और यह आज भी पारंपरिक खानपान का अहम हिस्सा है।
पीठा
सुंदल
दक्षिण भारत का लोकप्रिय स्नैक सुंडल उबले हुए चने, काबुली चने या मूंगफली और हल्के मसालों से तैयार किया जाता है। इसमें प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जिससे यह पौष्टिक और पेट भरने वाला विकल्प बन जाता है।
मखाना
गुड़ पारा
रिफाइंड चीनी की जगह गुड़ से तैयार किया जाने वाला गुड़ पारा पहले त्योहारों और खास मौकों पर घरों में खूब बनाया जाता था। यह पारंपरिक मिठास के साथ स्वाद और ऊर्जा दोनों देता है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
मखाना
बेसन मठरी
मैदे से बनने वाली मठरी की तुलना में बेसन मठरी अधिक पौष्टिक मानी जाती है। बेसन और हल्के मसालों से तैयार यह कुरकुरी मठरी चाय के साथ खाने के लिए बेहतरीन स्नैक है।
मखाना
तिलकुट
तिल और गुड़ से तैयार तिलकुट स्वाद के साथ पोषण भी देता है। इसमें हेल्दी फैट्स और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, इसलिए यह सिर्फ त्योहारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
तिलकूट
मुरमुरा चिवड़ा
हल्का और आसानी से पचने वाला मुरमुरा चिवड़ा के साथ खाने के लिए अच्छा विकल्प है। इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और नींबू मिलाकर इसे स्वादिष्ट भेल की तरह भी खाया जा सकता है।
चिवड़ा
सत्तू के लड्डू
भुने हुए चने के आटे यानी सत्तू से बने लड्डू से भरपूर होते हैं। इन्हें खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है।
सत्तू लड्डू
पारंपरिक स्नैक्स क्यों हैं बेहतर विकल्प?
भागती जिंदगी में आज भले ही लोगों की खाने की आदतें तेजी से बदल रही हों, लेकिन भारत के ये पारंपरिक स्नैक्स रोजमर्रा के लिए हेल्दी और प्रैक्टिकल ऑप्शन है। आसानी से बनने वाले इन घरेलू स्नैक्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप न सिर्फ बेहतर खानपान की ओर कदम बढ़ा सकते हैं बल्कि बचपन के पारंपरिक स्वाद का आनंद भी दोबारा ले सकते हैं।



