Iran revenge list: मिडिल ईस्ट से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी लोगों में अमेरिका और इजरायल से बदला लेने की भावना प्रबल हुई है. इसकी बानगी खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच भी नजर आई थी, जब अपने सुप्रीम लीडर को अंतिम विदाई देने पहुंचे लोग ‘किल अमेरिका’ , ‘किल इजरायल’ के बैनर पोस्टर लहराकर बदला लेने की मांग कर रहे थे. इस बीच अपनी कट्टरपंथी विचारधारा और बागी तेवरों के लिए मशहूर एक ईरानी अखबार ने कई विदेशी नेताओं के नाम और फोटो छाप दिए.

अखबार में छपी तस्वीरों के साथ लिखे आर्टिकल का लब्बोलुआब इतना है कि धरती पर मौजूद जितने लोग भी अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के जिम्मेदार हैं, उन सबसे बदला लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया जाना चाहिए.

मोजतबा का बयान बदला लेना जरूरी
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पिता के अंतिम संस्कार के बाद शनिवार को जारी अपने पहले सार्वजनिक संदेश में कहा, ‘बदला लेना जरूरी है. ‘बदला’ हमारे देश की सबसे बड़ी मांग है, जिसे जरूर पूरा किया जाना चाहिए.’ इसके बाद अपने कट्टरपंथी रुख के लिए मशहूर ईरानी अखबार ने पूरी सूची छाप दी.

एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को तेहरान से प्रकाशित अखबार, हमशहरी ने ऑनलाइन इन्फोग्राफिक शेयर किया था, जिसमें मोजतबा खामेनेई के बयान के साथ 13 विदेशी नेताओं की तस्वीरें थीं.

सूची में कौनकौन
हालांकि अपने संदेश में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने यह जरूर कहा था कि ईरान ने टारगेट किए जाने वाले लोगों की एक सूची तैयार कर ली है. लेकिन उन्होंने अपने संदेश में किसी का नाम नहीं लिया था. उनके बयान में ऐसा भी कोई इशारा यानी संकेत नहीं था कि इस अखबार द्वारा छापी गई लिस्ट को ईरानी सरकार ने ऑफिशियली मंजूरी दी थी.

इन्फोग्राफिक में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर शामिल हैं. लिस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का नाम भी शामिल हैं.

करीब 100 दिन से अधिक चले युद्ध के दौरान, ईरान ने कई यूरोपियन सरकारों पर ईरान पर हुए हमलों की निंदा न करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने अमेरिकी फाइटर जेट्स और बॉम्बर्स को अपने एयरस्पेस से गुजरने की इजाजत देकर जो माहौल तैयार किया इसलिए उन सभी को दोषी माना जाता है.

अंतरिम डील खत्म
रविवार सुबह अमेरिकी फौजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक विदेशी जहाज पर हुए ईरानी हमले के विरोध मे ईरान पर हमला किया, जिससे कंटेनर जहाज में आग लग गई और उसके क्रू को फौरन बाहर निकलना पड़ा. ईरान ने इसके बाद बहरीन, कुवैत, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात और ओमान को टारगेट करके हमले किए.

होर्मुज बना गले की फांस
28 फरवरी को शुरू हुई जंग को पूर्ण विराम देने के लिए अब यही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और अमेरिका के बीच की बातचीत में रुकावट की प्रमुख वजह बन गया है.  फारस की खाड़ी में हुए हमलों के पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कह चुके हैं कि ईरान युद्ध के बीच हुई एक अंतरिम डील खत्म हो गई है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा ‘ईरान ने गलत फैसला किया. कीमत चुकानी पड़ेगी.’

इसके बाद ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकारों में से एक मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने जवाब देते हुए लिखा ‘एकतरफा डील का दौर खत्म हो गया है. हमने कहा था, अपनी बात रखो या कीमत चुकाओ. हकीकत सामने है.’