‘भगवान कृष्ण से मिली ताकत….’, ढाई महीने बाद विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

Vikram Bhatt Wife Swethambari 30 Crore Fraud Case Supreme Court Bail

Vikram Bhatt And Wife Shwetambari Bhatt Bail: फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 को रेगुलर बेल दे दी। यह जोड़ी करीब ढाई महीने से उदयपुर सेंट्रल जेल में बंद थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने पहले भगवान शिव के मंदिर में मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। विक्रम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे भगवान कृष्ण के भक्त हैं और जेल उनके लिए “पांचवां निवास” साबित हुआ।

विक्रम भट्ट ने जेल में बिताए ढाई महीनों पर की बात

विक्रम ने बताया कि जेल में बिताए ढाई महीनों ने उन्हें धैर्य और विश्वास की सीख दी। उन्होंने कहा, “मेवाड़ की मिट्टी में सच्चाई को चाहे कितनी भी परेशानी हो, हराया नहीं जा सकता। मैं इसी मिट्टी का तिलक लगाकर बाहर आ रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने वही अनुभव सीखा जो भगवान कृष्ण की तरह हर चुनौती में मजबूती से खड़ा रहने की सीख देता है।

मालूम हो कि श्वेतांबरी को 13 फरवरी को अंतरिम जमानत मिल चुकी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुझाव दिया है कि वे मध्यस्थता केंद्र में जाकर आपसी समझौते से मामला सुलझाएं।

विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी पर आरोप था कि उन्होंने उदयपुर में डॉ. अजय मुर्डिया के साथ हुई एक फिल्म प्रोजेक्ट की डील में 30 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल किया। शिकायत के मुताबिक, डॉ. मुर्डिया ने अपनी दिवंगत पत्नी की बायोपिक बनाने के लिए की कंपनी से चार फिल्मों का समझौता किया था, लेकिन पैसे देने के बाद फिल्में बनाई नहीं गईं।

एफआईआर ये गया था ये दावा

एफआईआर में यह भी दावा किया गया कि विक्रम और श्वेतांबरी ने 7 करोड़ रुपये अतिरिक्त निवेश करने पर चार फिल्में 47 करोड़ में बनाने और 100-200 करोड़ कमाने का झूठा वादा किया। 7 दिसंबर 2025 को पुलिस ने मुंबई के जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स से विक्रम और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया।

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विक्रम ने सभी आरोपों का खंडन किया और कहा कि एफआईआर से पहले उन्हें किसी भी तरह की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उनका कहना है कि पुलिस को गलत जानकारी दी गई थी और वह पूरी तरह निर्दोष हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की बेल के बाद विक्रम और श्वेतांबरी के लिए नई शुरुआत की राह खुल गई है, और दोनों ने कहा कि वे कानून और न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा रखते हैं।

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