आधार कार्ड के 6 गुप्त नियम, जो आपको ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी से बचाएंगे

चूंकि आधार कार्ड का इस्तेमाल हर जगह लगातार होता रहता है, इसलिए इसमें दर्ज सभी जानकारियों का सही और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है। बहुत से लोग सालों-साल बिना चेक किए अपने आधार का इस्तेमाल करते रहते हैं, जिससे बाद में उन्हें कई बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप भी किसी परेशानी से बचना चाहते हैं, तो तुरंत ये 6 जरूरी बातें चेक कर लें।

1. आधार से लिंक मोबाइल नंबर जरूर चेक करें
आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड की सबसे अहम कड़ी है, क्योंकि इसी नंबर पर आधार से जुड़े सभी जरूरी ओटीपी (OTPs) आते हैं और ऑनलाइन वेरिफिकेशन पूरा होता है। अगर आपने पिछले कुछ सालों में अपना पुराना फोन नंबर बंद करके नया नंबर लिया है, तो यह जरूर चेक कर लें कि नया नंबर आपके आधार रिकॉर्ड में अपडेट हुआ है या नहीं।

2. अपनी पर्सनल डिटेल्स ध्यान से वेरिफाई करें
अपने आधार कार्ड में दर्ज अपना पूरा नाम, जन्मतिथि (DOB), लिंग (Gender) और घर का पता (Address) ध्यान से चेक करें। कई बार नाम की एक छोटी सी स्पेलिंग मिस्टेक भी वेरिफिकेशन के दौरान बड़ी मुसीबत खड़ी कर देती है। अगर कोई भी जानकारी गलत या पुरानी हो गई है, तो उसे नजदीकी आधार सेंटर जाकर तुरंत ठीक करवा लें।

3. हर जगह आधार कार्ड की कॉपी शेयर करने से बचें
अपना आधार कार्ड किसी भी अनजान व्यक्ति या अनवेरिफाइड वेबसाइट पर बिना सोचे-समझे शेयर बिल्कुल न करें। किसी को भी अपने आधार की फोटोकॉपी देने से पहले यह जरूर जांच लें कि क्या वाकई उस जगह आधार की जरूरत है या नहीं। जहां तक संभव हो, पूरा आधार देने के बजाय सुरक्षा के विकल्पों का ही चयन करें।

4. सुरक्षा के लिए मास्कड आधार का इस्तेमाल करें
मास्कड आधार एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है, जिसमें आपके आधार नंबर के शुरुआती 8 अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी के 4 अंक ही दिखाई देते हैं। जब भी आपको किसी होटल, एयरपोर्ट या ऐसी जगह अपनी पहचान साबित करनी हो जहां पूरा आधार नंबर देना जरूरी न हो, तो वहां हमेशा मास्कड आधार का ही उपयोग करें।

5. अपनी आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री चेक करते रहें
अगर आपको कभी भी यह डर सताता है कि आपके आधार का इस्तेमाल आपकी बिना जानकारी के तो नहीं हो रहा, तो आप यूआईडीएआई (UIDAI) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री आसानी से चेक कर सकते हैं। इससे आपको पूरी डिटेल मिल जाएगी कि पिछले 6 महीनों में आपके आधार का इस्तेमाल कब, कहां और किस काम के लिए हुआ है।

6. आधार ओटीपी (OTP) को लेकर बेहद सतर्क रहें
अपने फोन पर आने वाले किसी भी आधार ओटीपी (OTP) को किसी अनजान कॉलर के साथ भूलकर भी शेयर न करें। भले ही सामने वाला व्यक्ति खुद को बैंक मैनेजर, सरकारी अधिकारी या टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी ही क्यों न बताए। कोई भी असली अधिकारी या बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता। अगर कोई आप पर दबाव बनाए, तो तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट कर दें।