सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCLFoxconn चिप इकाई बन रही है. 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व 8 यूनिकॉर्न हैं. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है.

ने आज प्रदेशवासियों को यूपी की प्रगति से साक्षात्कार कराया. उन्होंने बताया कि 2017 के बाद प्रदेश में हर मोर्चे पर उड़ान देखी जा रही है. वहीं उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में भी खड़ा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा?
पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश की क्षमता का उपयोग नहीं किया
मुख्यमंत्री बताया कि प्रदेश में अनलिमिटेड पोटेंशियल है लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इसका उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे ‘बीमारू’ ही बनाए रखा. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है.
मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है. जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCLFoxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं. यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है.
2017 से पहले सैफई महोत्सव तक सांस्कृतिक उत्थान
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई उन्होंने कहा कि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं. क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था.
भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली. परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया. इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है.
तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि एआईप्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है. कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है. असेंबली से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है.



