Chamoli News: आस्था के पावन धाम बदरीनाथ से आशीर्वाद लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं के लिए शुक्रवार का दिन काल बनकर आया. बद्रीनाथ से देहरादून के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर पांडुकेश्वर क्षेत्र के पास दुर्गम पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस भयावह हादसे ने पल भर में 6 हंसतेखेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं. हादसे में जान गंवाने वालों में बेंगलुरु के दो बेहद होनहार अधिवक्ता सुधीर और शंकर गौड़ा भी शामिल थे. दोनों दोस्त बड़ी श्रद्धा के साथ चारधाम यात्रा पर आए थे, लेकिन किसे मालूम था कि बाबा बदरी विशाल के दर्शन उनके जीवन के आखिरी दर्शन साबित होंगे.

बेंगलुरु हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट में अपनी कानूनी प्रतिभा और सौम्य व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले एडवोकेट सुधीर और एडवोकेट शंकर गौड़ा अपने अन्य साथियों के साथ उत्तराखंड की पावन भूमि पर चारधाम यात्रा के लिए पहुंचे थे. बद्रीनाथ धाम में पूजाअर्चना करने के बाद दोनों बेहद खुश थे. शुक्रवार दोपहर करीब 1:13 बजे उन्होंने देहरादून स्थित सहस्रधारा हेलीपोर्ट लौटने के लिए हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी.

उड़ान भरने के महज 60 सेकेंड के अंदर पांडुकेश्वर के पास घने बादलों और अचानक बदले मौसम के बीच हेलीकॉप्टर पहाड़ियों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. दोनों युवा वकीलों के असामयिक निधन की खबर जैसे ही बेंगलुरु पहुंची, उनके साथियों और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. कोर्ट रूम से लेकर उनके घरों तक सन्नाटा पसर गया.

बेंगलुरु एडवोकेट्स एसोसिएशन में शोक की लहर, संपर्क में प्रशासन

एडवोकेट्स एसोसिएशन, बेंगलुरु ने अपने दो प्रतिभावान साथियों की असमय मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है. एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. एसोसिएशन और बेंगलुरु पुलिस लगातार उत्तराखंड प्रशासन और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है. चमोली से शवों को जोशीमठ लाने के बाद प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा कर विशेष विमान द्वारा बेंगलुरु भेजने की व्यवस्था की जा रही है.

सेना ने दुर्गम पहाड़ियों से देर रात बरामद किए शव

हादसे के बाद पांडुकेश्वर के बीहड़ और खतरनाक पहाड़ी इलाके में भारतीय सेना और रेस्क्यू टीमों ने अदम्य साहस का परिचय दिया. चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशन में भारतीय सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस के जवानों ने देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया.

घटनास्थल पर हेलीकॉप्टर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था. सेना के जवानों ने रात के अंधेरे और दुर्गम चढ़ाई के बीच से सभी 6 शवों को सुरक्षित बाहर निकाला.