Bahraich News: बहराइच जिले के बौंडी थाना क्षेत्र में सरयू नदी में मगरमच्छ के हमले में 12 वर्षीय बालक की मौत के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. घटना के बाद शनिवार को वन संरक्षक रेनू सिंह तिकुरी गांव पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर सुरक्षा उपायों की जानकारी दी और नदी किनारे विशेष सतर्कता बरतने की अपील की. विभाग ने संवेदनशील घाटों पर निगरानी बढ़ाने के साथ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं.

धान की रोपाई के बाद नदी पहुंचे थे चाचाभतीजा
जानकारी के मुताबिक, 12 वर्षीय सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। काम खत्म होने के बाद दोनों सरयू नदी में हाथपैर धोने पहुंचे. इसी दौरान नदी से अचानक निकले एक मगरमच्छ ने सुनील पर हमला कर उसे अपने जबड़ों में दबोच लिया. घटना इतनी अचानक हुई कि चाचा कुछ समझ पाते, उससे पहले मगरमच्छ बालक को गहरे पानी की ओर खींच ले गया.
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ग्रामीणों ने बचाने की भरसक कोशिश की
बालक की चीखपुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे. लोगों ने ईंटपत्थर और डंडों की मदद से मगरमच्छ को भगाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ बालक को लेकर गहरे पानी में चला गया. इसके बाद ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन ने कई घंटों तक नदी में तलाश अभियान चलाया. करीब सात घंटे बाद देर रात बालक का शव बरामद हुआ. ग्रामीणों के अनुसार शव का एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा मगरमच्छ के हमले में क्षतिग्रस्त था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
तीन बहनों का इकलौता भाई था सुनील
सुनील के मातापिता का पहले ही निधन हो चुका था. वह अपनी तीन बहनों का इकलौता भाई था और जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह का छात्र था. उसकी मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है, जबकि गांव के लोग इस घटना से सहमे हुए हैं.
वन संरक्षक ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना के बाद वन संरक्षक रेनू सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर अधिकारियों के साथ हालात का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि सरयू नदी मगरमच्छों और अन्य जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास है. बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ अक्सर किनारों तक आ जाते हैं. ऐसे में लोगों को बिना जरूरत नदी में उतरने या उसके किनारे जाने से बचना चाहिए.
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को अकेले नदी किनारे न जाने दें और यदि कहीं मगरमच्छ दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें. उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
ग्रामीणों ने उठाई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में पहले भी कई बार मगरमच्छ दिखाई दे चुके हैं और हमलों की घटनाएं हो चुकी हैं. उन्होंने नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग की. इस पर वन संरक्षक ने अधिकारियों को प्रभावित गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने, मुनादी कराने और संवेदनशील घाटों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए. वन विभाग का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जाएगा.



