नई दिल्ली इलाके में नार्थ एवेन्यू इलाके में अचानक से ही उत्तर प्रदेश के नेताओं का जमावड़ा लगना शुरु हो गया. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को एक बार फिर से राष्ट्रीय टीम में शामिल किया. साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया है. इसके बाद मंगलवार की सुबह से उनके घर पर यूपी के नेताओं का जमावड़ा लगा है.

अचानक आई खबर के बाद उत्तर प्रदेश के नेता और मंत्री दिल्ली स्थित तावड़े के घर पर जुटने लगे. जैसे ही राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त करने की घोषणा हुई, राज्य के कई नेता उनके आवास पर पहुंचने लगे. उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी, बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व वाली नई टीम में शामिल किए जाने के ठीक एक दिन बाद सौंपी गई.
मंत्रियों और नेताओं का लगा तांता
विनोद तावड़े के घर पहुंचने वालों में उत्तर प्रदेश के मंत्री सतीश पुनिया, योगेन्द्र उपाध्याय, ठाकूर रघुराज प्रताप सिंह, अनिल अग्रवाल पूर्व सांसद, बीजेपी नेता सुब्रत पाठक और पूर्व सांसद सतपाल सिंह उनसे मिलने पहुंचे. इसके बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया जो दिन भर चलता रहा.
यह मुलाकात चुनावी है
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश के सहप्रभारी के रूप में तावड़े का सहयोग करेंगे.
हाल के चुनाव में बेहतर प्रदर्शन
महाराष्ट्र से आने वाले विनोद तावड़े को बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है. विनोद तावड़े इससे पहले बिहार के प्रभारी रह चुके हैं. जहां भारतीय जनता पार्टी ने जेडीयू के साथ मिलकर शानदार प्रदर्शन किया. इसके अलावा उन्होंने केरल और कई अन्य राज्यों में भी चुनावी प्रबंधन का सफल काम संभाला है.
उत्तर प्रदेश का सियासी गणित
उत्तर प्रदेश में पार्टी के सामने संगठन को मजबूत बनाए रखने और आगामी चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाने का बड़ा टास्क है. 2027 में विधानसभा चुनाव और उसके बाद साल 2029 का लोकसभा चुनाव. इन परिस्थितियों को देखें तो आगामी विधानसभा के लिहाज से समय कम है और काम अधिक.



