नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पमोर्लिन के दौरे को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. यातायात पुलिस ने मंगलवार 6 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक नोएडाग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों की आवाजाही रोक दी है. राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है.

एक्सप्रेसवे पर नहीं जा सकेंगे मालवाहक वाहन

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तरफ आनेजाने वाले मालवाहक वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा. जरूरत पड़ने पर कुछ वाहनों को एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से भी निकाला जा सकता है. हालांकि, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है.

पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नोएडाग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर निकलने से पहले अपना वैकल्पिक रूट तय कर लें. अगर ट्रैफिक संबंधी परेशानी हो तो ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क किया जा सकता है. यह नंबर नोएडा ट्रैफिक पुलिस की ओर से ट्रैफिक संबंधी सहायता के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

ट्रक चालकों के लिए ये रहेंगे वैकल्पिक रास्ते

यमुना एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले मालवाहक वाहनों को जरूरत के अनुसार अलगअलग मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा. जेवरटप्पल की तरफ से आने वाले वाहनों को टप्पल की ओर वापस भेजकर आगे गंतव्य तक जाने की व्यवस्था की गई है. वहीं, खुर्जा की तरफ से जेवर आने वाले व्यावसायिक वाहनों को खुर्जा से ही डायवर्ट किया जाएगा.

सिकंदराबाद और ककोड़ की ओर से जेवर आने वाले मालवाहक वाहनों को चचूला नहर से खेरली नहर की ओर भेजा जाएगा. दूसरी तरफ, आगरा की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, ताकि एक्सप्रेसवे पर अनावश्यक दबाव न बन सके.

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर हाई अलर्ट जैसी व्यवस्था

स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति मंगलवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा करेंगे. वह एयरपोर्ट के आधुनिक टर्मिनल, कार्गो सुविधाओं और बिजनेस सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे. उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का दल भी रहेगा.

जेवर एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानें जून 2026 में शुरू हो चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं दिसंबर से शुरू करने की तैयारी चल रही है. ऐसे में स्विस राष्ट्रपति का दौरा एयरपोर्ट और भारतस्विट्जरलैंड के आर्थिक एवं कारोबारी संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.