Balod Acid Attack: छत्तीसगढ़ के बालोद की सिंचाई कॉलोनी में एक लड़की पर एसिड अटैक किया गया. जांच में सामने आया कि वारदात किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि पीड़िता के प्रेमी यश कुमार सोनकर ने अपने स्कूल के दोस्त करण कुंजाम के साथ मिलकर कराई थी. पुलिस के मुताबिक, दूसरे युवक से लड़की की बातचीत और शादी की चर्चा को लेकर यश को शक और ईर्ष्या थी. इसी वजह से उसने करीब तीन महीने पहले एसिड अटैक की साजिश रची.

पुलिस के अनुसार, प्रियंका और यश के बीच करीब डेढ़ साल से प्रेम संबंध था. छात्रा की किसी अन्य युवक से बातचीत और शादी की बात को लेकर यश नाराज था. उसने अपने स्कूल के दोस्त करण को साजिश में शामिल किया. 26 सितंबर को करण भैरमगढ़ से बालोद पहुंचा. इसके बाद दोनों ने दुर्ग के केलाबाड़ी से सल्फ्यूरिक एसिड खरीदा.

27 सितंबर को वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी, लेकिन गणेश विसर्जन के दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त देखकर दोनों ने योजना टाल दी. इसके बाद वे दूसरे मौके की तलाश में थे.

लाइब्रेरी से लौटते समय फेंका एसिड

5 अक्टूबर को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे प्रियंका लाइब्रेरी से घर लौट रही थी. सिंचाई कॉलोनी के पास मौका मिलते ही करण ने यश के इशारे पर छात्रा के चेहरे पर एसिड फेंक दिया. अचानक हुए हमले से छात्रा चीखने लगी. आसपास के लोगों ने उसे संभाला और परिजनों को सूचना दी.

छात्रा को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर उसे रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है. बताया गया है कि छात्रा के पिता बालोद पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं. वहीं यश के पिता ईश्वर लाल सोनकर मोहलामानपुर जिले में हेड कांस्टेबल और चाचा खिलेश्वर सोनकर बालोद पुलिस लाइन में पदस्थ हैं.

वारदात के बाद करण तांदुला डैम की ओर भागा और वहां से लिफ्ट लेकर झलमला, मरकाटोला और चारामा की तरफ निकल गया. पुलिस ने तत्काल शहर में सर्च अभियान शुरू किया. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच यश तक पहुंची.

पूछताछ में यश ने पहले पुलिस को अलगअलग कहानियां बताकर गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने साजिश का खुलासा कर दिया. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने करण को कोंडागांव से हिरासत में लिया. दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने घटना में इस्तेमाल एसिड और वारदात के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए.

घटनास्थल पर कराया गया रिक्रिएशन

एसपी किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन और एएसपी चंद्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए. मंगलवार को दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाया गया. थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा की मौजूदगी में करण से वारदात का रिक्रिएशन कराया गया. उसने पुलिस को बताया कि किस तरह छात्रा पर एसिड फेंका और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुआ.

आरोपियों का जुलूस, भीड़ ने किया विरोध

मंगलवार को पुलिस दोनों आरोपियों का मुंडन कराने के बाद उन्हें दल्ली चौक से न्यायालय तक पैदल लेकर गई. घड़ी चौक पर मौजूद भीड़ ने जमकर विरोध किया. लोगों ने आरोपियों के चेहरे पर स्याही पोती और जूतेचप्पलों की माला पहनाई. इस दौरान मारपीट और फांसी की मांग को लेकर नारेबाजी भी हुई.

भारी सुरक्षा के बीच दोनों को न्यायालय में पेश किया गया. शाम करीब 6:05 बजे जेल वारंट जारी होने के बाद दोनों को जिला जेल भेज दिया गया. भीड़ से सुरक्षा के लिए आरोपियों को हेलमेट पहनाकर पुलिस वाहन से जेल ले जाया गया.

अधिवक्ता संघ ने पैरवी से किया इनकार

जिला अधिवक्ता संघ ने भी घटना पर कड़ा रुख अपनाया है. संघ अध्यक्ष सुनील सोनी ने कहा कि पूरा अधिवक्ता समुदाय घटना से आक्रोशित है और कोई भी अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा. इस संबंध में बुधवार को संघ की बैठक भी प्रस्तावित है.

एसिड की खरीद पर भी उठे सवाल

पुलिस ने महज आठ घंटे में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस मामले ने एसिड की बिक्री और निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. जब आरोपियों ने करीब तीन महीने पहले साजिश रची, एसिड खरीदा और वारदात के लिए दोबारा मौके की तलाश करते रहे, तो इसकी भनक जिम्मेदार तंत्र को क्यों नहीं लगी? अब पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ एसिड की बिक्री और उसके दुरुपयोग पर निगरानी से जुड़े सवालों के जवाब भी अहम हैं.