इस घटना के बाद पहाड़ी रूटों पर चल रही एचआरटीसी की बसों की फिटनेस को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि पहाड़ी और लंबे रूट पर बस भेजने से पहले उसके टायर, ब्रेक और दूसरे जरूरी हिस्सों की अच्छी तरह जांच होनी चाहिए।