उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा के समापन कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। मुख्यमंत्री ने कानूनव्यवस्था और विकास से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

माफिया कार्रवाई का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में माफिया के खिलाफ हुई कार्रवाई का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में एक समय माफिया और असामाजिक तत्वों का प्रभाव था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। योगी ने कहा कि माफिया मिट्टी में मिल गए हैं और उत्तर प्रदेश की नई पहचान उसकी विरासत और विकास से बन रही है। ये मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्त किए गए राजनीतिक दावे हैं।

पहले की कानूनव्यवस्था पर विपक्ष को घेरा

योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों के दौर की कानूनव्यवस्था का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय आम लोगों, व्यापारियों और महिलाओं में असुरक्षा का माहौल था। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले जमीन पर माफिया की नजर पड़ने के बाद कब्जे का डर रहता था और त्योहारों से पहले भी तनाव की स्थिति बनती थी। ये बातें उन्होंने पूर्ववर्ती शासन की आलोचना करते हुए कही।

काशी से अयोध्या तक विकास का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुए धार्मिक और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश की बदलती पहचान के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने महाकुंभ और मथुरावृंदावन की गतिविधियों का भी जिक्र किया।

PM मोदी के 25 साल के सफर की चर्चा

कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प यात्रा के समापन से जुड़ा था। योगी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के कार्यभार संभालने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भुज भूकंप के बाद गुजरात को संभालने के अनुभव से आगे चलकर देश के शासन को भी दिशा मिली।

विकसित और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य

योगी ने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब देश के प्रत्येक जिले, गांव, कस्बे और राज्य में विकास तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में काम हो। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए सेवा गतिविधियों में भागीदारी का आह्वान किया।

सेवा संकल्प यात्रा में हजारों किलोमीटर का सफर

वडनगर से काशी तक निकली सेवा संकल्प यात्रा में एक हजार से अधिक युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 500 मोटरसाइकिलों के साथ यात्रा ने 20 मार्गों पर करीब 35,263 किलोमीटर की दूरी तय की। यह यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों से होकर गुजरी।

युवाओं से आगे भी सक्रिय रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं से सेवा और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को आगे बढ़ाया जा रहा है। वाराणसी में यात्रा के समापन कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और उत्तर प्रदेश में विकास तथा कानूनव्यवस्था को लेकर सरकार के दावों को भी सामने रखा गया।