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57वीं GST Council की बैठक में टैक्सपेयर्स और कारोबारियों से जुड़े कई अहम फैसलों की सिफारिश की गई है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद बताया कि परिषद ने GST के तहत Arrest Power हटाने, Prosecution की Monetary Threshold को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने और सामान्य पेनल्टी को ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने की सिफारिश की है. इसके साथ ही छोटे मामलों में आपराधिक कार्रवाई का दायरा कम करने और अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में कई बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं.

वित्त मंत्री के मुताबिक, परिषद ने कारोबारियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन में Routine Changes की Automatic Acceptance, Registration Cancellation की आसान प्रक्रिया और Refund को ज्यादा Automated बनाने की भी सिफारिश की है. इसके अलावा ₹10,000 या उससे कम के monetary threshold वाले GST notices जारी नहीं किए जाएंगे और ऐसे पुराने Pending Notices को भी वापस लेने की सिफारिश की गई है.

GST Council के 10 बड़े फैसले

  1. GST में Arrest Power हटाने की सिफारिश: GST कानून के तहत गिरफ्तारी की शक्ति को हटाने की सिफारिश 57वीं GST Council बैठक के सबसे बड़े फैसलों में शामिल है. इसका सीधा मतलब यह होगा कि GST से जुड़े मामलों में tax officials की arrest-related power को खत्म करने की दिशा में बदलाव किया जाएगा. सरकार का फोकस अब ऐसे मामलों में टैक्स रिकवरी, ब्याज और proportionate penalty तक कार्रवाई को सीमित करने पर है, जहां मामला केवल देर से फाइलिंग, गलती या पेमेंट में देरी से जुड़ा हो.
  2. Prosecution की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹5 करोड़: GST मामलों में prosecution शुरू करने की मौद्रिक सीमा को भी बढ़ाने की सिफारिश की गई है. अभी ₹1 करोड़ की सीमा थी, जिसे बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का प्रस्ताव है. इसका अर्थ है कि ₹5 करोड़ से कम के मामलों में prosecution नहीं किया जाएगा. इससे छोटे और मध्यम स्तर के Tax Disputes में Criminal Proceedings का जोखिम कम होने की उम्मीद है.
  3. ₹5 करोड़ से कम मामले में Prosecution नहीं: परिषद ने स्पष्ट किया है कि ₹5 करोड़ से कम की Tax-related राशि वाले मामलों में प्रोसिक्यूसन नहीं किया जाएगा. इससे GST compliance में छोटी या मध्यम स्तर की चूक को लेकर कारोबारियों पर आपराधिक कार्रवाई का दायरा सीमित होगा. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि टैक्स की देनदारी खत्म हो जाएगी. ऐसे मामलों में recovery, interest और proportionate penalty जैसे प्रावधान लागू रहेंगे.
  4. General Penalty ₹25,000 से घटकर ₹10,000: GST में जहां किसी विशेष उल्लंघन के लिए अलग पेनल्टी निर्धारित नहीं है, वहां लागू होने वाली General Penalty को घटाने की सिफारिश की गई है. इसे ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 किया जाएगा. इस बदलाव से सामान्य procedural mistakes या compliance-related मामलों में कारोबारियों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सकता है. सरकार का उद्देश्य penalty को ज्यादा proportionate बनाने का है.
  5. देर से Filing या Payment पर कार्रवाई सीमित रखने का प्रस्ताव: वित्त मंत्री के मुताबिक, अगर कोई taxpayer देर से return दाखिल करता है, गलती करता है या payment में पीछे रह जाता है, तो उसके खिलाफ recovery, interest और proportionate penalty की कार्रवाई होगी. ऐसे मामलों में इसके अलावा अतिरिक्त कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी. इससे सामान्य compliance failures और गंभीर tax evasion के बीच अंतर स्पष्ट करने की कोशिश की गई है.
  6. ₹10,000 तक के GST Notices पर रोक: GST Council ने notices के लिए भी monetary threshold तय करने की सिफारिश की है. ₹10,000 या उससे कम राशि वाले मामलों में नए notices जारी नहीं किए जाएंगे. इतना ही नहीं, जिन मामलों में इस सीमा से कम राशि के notices पहले ही जारी किए जा चुके हैं, उन्हें वापस लेने की भी सिफारिश की गई है. इससे छोटे-value disputes को लेकर चल रही प्रक्रियाओं का बोझ कम होगा.
  7. Goods की जांच और जब्ती के नियम होंगे ज्यादा स्पष्ट: GST Council ने राज्यों के बीच goods movement को आसान बनाने के लिए inspection, detention और seizure की प्रक्रिया में भी बदलाव की सिफारिश की है. प्रस्ताव के अनुसार, माल की जांच, detention या seizure केवल supplier state या destination state के अधिकारी द्वारा की जा सकेगी. Goods को केवल specific intelligence के आधार पर intercept किया जा सकेगा और इसके लिए कम से कम Joint Commissioner स्तर के अधिकारी की authorization जरूरी होगी.
  8. GST Registration में Routine Changes की Automatic Acceptance : GST registration से जुड़े रोजमर्रा के बदलावों को आसान बनाने का भी फैसला प्रस्तावित है. Additional Place of Business जैसे routine registration particulars में बदलाव की automatic acceptance की व्यवस्था लाई जाएगी. इससे कारोबारियों को छोटे administrative changes के लिए लंबी approval प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है. व्यवस्था risk assessment के आधार पर काम करेगी.
  9. Refund प्रक्रिया होगी ज्यादा Automatic : GST Council ने excess cash, ledger imbalance या balance से जुड़े refunds को automatic बनाने की सिफारिश की है. वित्त मंत्री के अनुसार इससे कारोबारियों की working capital स्थिति बेहतर होगी. Risk assessment के आधार पर करीब 90 फीसदी claims को acknowledgement के तीन working days के भीतर system से sanction किए जाने की उम्मीद जताई गई है। इससे refund के लिए इंतजार का समय कम हो सकता है.
  10. Registration Cancellation और Acknowledgement की प्रक्रिया आसान: GST registration cancellation की प्रक्रिया को भी सरल बनाने की सिफारिश की गई है. इसके अलावा acknowledgement का समय 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव है. यदि निर्धारित समय में कोई response नहीं दिया जाता है तो deemed acknowledgement की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य GST administration में paperwork और अनावश्यक देरी को कम करना है.

GST Rate से जुड़े फैसले साल में एक बार

57वीं GST Council बैठक में यह भी तय किया गया है कि GST रेट से जुड़े मामलों को हर बैठक में उठाने के बजाय साल में एक बार होने वाली विशेष बैठक में लिया जाएगा. यानी rate rationalisation और उससे जुड़े फैसलों के लिए एक dedicated meeting रखी जाएगी. यह व्यवस्था GST rate structure में बार-बार होने वाले बदलावों को व्यवस्थित करने और कारोबारियों को ज्यादा predictability देने की दिशा में कदम माना जा रहा है.

कारोबारियों के लिए क्या बदलेगा?

GST Council की सिफारिशों का सबसे बड़ा असर compliance (अनुपालन) और enforcement (प्रवर्तन) के स्तर पर देखने को मिल सकता है. गिरफ्तारी की शक्ति हटाने, Prosecution Threshold बढ़ाने और जनरल पेनल्टी घटाने से छोटे-मध्यम टैक्स डिस्प्यूट्स में क्रिमिनल एक्शन का जोखिम कम होगा. दूसरी तरफ, Automatic Registration Changes, तेज Acknowledgement और Automated Refunds से कारोबारियों के लिए GST system में Administrative Compliance आसान होने की उम्मीद है. हालांकि, ये बदलाव परिषद की सिफारिशों के आधार पर हैं और इनके प्रभावी होने के लिए संबंधित कानूनी और प्रक्रियागत बदलाव जरूरी होंगे.