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सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कादीपुर कोतवाली अंतर्गत कुम्ही डढिया गांव में हुए सनसनीखेज शिक्षक दंपति हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। जिस स्कूल बस ड्राइवर को शिक्षक परिवार अपना सबसे भरोसेमंद कर्मचारी मानता था वही इस खूनी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। चोरी के इरादे से स्कूल परिसर में घुसे वैन चालक राकेश यादव ने अपने पट्टीदार आशीष उर्फ डब्बू के साथ मिलकर फावड़े और कुल्हाड़ी से वार कर दंपति को मौत के घाट उतार दिया था। कत्ल के बाद मृतका के फोन से किए गए महज पांच हजार रुपये के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ने शातिर कातिल की पूरी साजिश बेनकाब कर दी।

चोरी की नीयत से घुसे थे आरोपी, पहचान उजागर होने पर किया कत्ल

एसपी विनीत जायसवाल के मुताबिक कुम्ही डढिया निवासी मुकेश सिंह परिषदीय विद्यालय में शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक संघ मोतिगरपुर के ब्लॉक अध्यक्ष थे। उनकी पत्नी विनीता सिंह गांव में ही मनराजी शिक्षण संस्थान नाम से स्कूल संचालित करती थीं और दोनों स्कूल परिसर में बने मकान में ही रहते थे। 28-29 सितंबर की दरमियानी रात स्कूल बस चालक राकेश यादव अपने पट्टीदार आशीष उर्फ डब्बू के साथ चोरी के इरादे से परिसर में दाखिल हुआ। राकेश को घर में रखी नकदी और तिजोरी की पूरी जानकारी थी। मकान के भीतर तोड़फोड़ की आवाज सुनकर जैसे ही विनीता सिंह बाहर निकलीं उन्होंने दोनों को पहचान लिया। राज खुलने के डर से आरोपियों ने मौके पर पड़े फावड़े से उनके सिर पर हमला कर दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

बचाव में भागे शिक्षक को मैदान में घेरकर कुल्हाड़ी से काटा

पत्नी पर जानलेवा हमला होते देख शिक्षक मुकेश कुमार सिंह जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागे। लेकिन दोनों आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और स्कूल के मैदान में पकड़ लिया। इसके बाद राकेश ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी भी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी घर में रखी नकदी समेटकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार राकेश ने वारदात से पहले ही स्कूल के सीसीटीवी कैमरे खराब कर दिए थे।

5 हजार के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और एक चप्पल ने बिगाड़ा खेल

कत्ल के बाद चालक राकेश ने खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए अगली सुबह स्कूल पहुंचकर स्थानीय लोगों और पुलिस को दोहरे हत्याकांड की सूचना दी। उसने मीडिया के सामने खुद को ‘मैडम का सबसे करीबी कर्मचारी’ बताकर हमदर्दी बटोरने की भी कोशिश की। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब मौत का वक्त रात 12 बजे के आसपास आया तो पुलिस ने तकनीकी जांच तेज कर दी। जांच में सामने आया कि देर रात विनीता के मोबाइल से 5,000 किसी खाते में ट्रांसफर किए गए थे। राकेश को विनीता के मोबाइल का पासवर्ड पहले से पता था। इसके अलावा घटनास्थल से मिली एक लावारिस चप्पल की शिनाख्त स्थानीय लोगों ने राकेश की चप्पल के रूप में की।

दोनों आरोपी सलाखों के पीछे, हथियार और मोबाइल की तलाश जारी

शक के आधार पर जब पुलिस ने राकेश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर सह-आरोपी आशीष उर्फ डब्बू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 34,950 नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए उन्होंने विनीता का मोबाइल एक कुएं में फेंक दिया था। पुलिस टीम अब हत्या में इस्तेमाल किए गए फावड़े-कुल्हाड़ी और कुएं में फेंके गए मोबाइल को रिकवर करने में जुटी है।