Bihar Crime News: बिहार के पटना से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख रुपये गंवाने और दोस्तों के कर्ज का दबाव बढ़ने के बाद दसवीं के एक छात्र ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी. बेटे की सलामती की चिंता में पिता ने कथित अपहरणकर्ताओं के बताए बैंक खाते में 75 हजार रुपये भी भेज दिए.

इस बीच पुलिस को सूचना मिली तो जांच शुरू हुई और तकनीकी सुरागों के आधार पर छात्र को मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस से सुरक्षित बरामद कर लिया गया. शुरुआती जांच में मामला कथित अपहरण के बजाय खुद रची गई साजिश का निकला.
पहले फोन कर सुनाई अपहरण की कहानी, मांगी दो लाख की फिरौती
मामला पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र का हैं, जहां पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल बॉर्डर का रहने वाला छात्र, पटना में रहकर पढ़ाई करता था. जानकारी के मुताबिक, छात्र ने दोस्तों से रुपये उधार लेकर ऑनलाइन गेम खेला था. इस दौरान वह करीब 1.45 लाख रुपये हार गया. रकम वापस करने के लिए दोस्तों का दबाव बढ़ने लगा तो उसने पैसे जुटाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी कहानी तैयार कर ली.
इसके बाद छात्र अपने कमरे से निकला और गांधी मैदान बस स्टैंड पहुंचकर मुजफ्फरपुर जाने वाली बस में सवार हो गया. रास्ते में उसने परिजनों को फोन कर बताया कि चारपांच लोग उसे स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर ले जा रहे हैं. उसे छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है.
पिता ने पैसे भेजे, पुलिस ने शुरू की तलाश
बेटे के अपहरण की बात सुनते ही पिता घबरा गए. बेटे को सुरक्षित छुड़ाने की उम्मीद में उन्होंने बताए गए बैंक खाते में 75 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. हालांकि, उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को भी दे दी. छात्र के अपहरण और फिरौती की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए छात्र की गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश की.
जांच में गांधी मैदान बस स्टैंड से जुड़ा सुराग मिला. इसके बाद पुलिस ने संभावित रास्तों और लोकेशन के आधार पर खोजबीन तेज कर दी. जांच के दौरान पुलिस को छात्र के मुजफ्फरपुर की ओर जाने का पता चला. इसके बाद पुलिस ने मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस में तलाश की और छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया.
पूछताछ में सामने आया गेमिंग और कर्ज का मामला
इस तरह कथित अपहरण की सूचना मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया. छात्र की बरामदगी के बाद पुलिस की शुरुआती जांच में ऑनलाइन गेम में पैसे हारने और दोस्तों से उधार ली गई रकम लौटाने के दबाव की बात सामने आई. जांच के मुताबिक, इसी रकम की व्यवस्था करने के लिए छात्र ने अपने अपहरण का नाटक रचा और परिजनों से फिरौती के नाम पर पैसे मंगवाए.
पुलिस अब छात्र से पूछताछ कर रही है. साथ ही, उन दोस्तों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिनसे छात्र ने रुपये उधार लिए थे और जो कथित तौर पर इस साजिश में शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि, दोस्तों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम के संबंध में पुलिस की जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है. यह मामला केवल कथित अपहरण की झूठी कहानी तक सीमित नहीं है.
जांच के बाद साफ हो सकेंगी ये बातें
ऑनलाइन गेम में बड़ी रकम गंवाने, दोस्तों से कर्ज लेने और उसे लौटाने के दबाव में छात्र के इस कदम ने परिवारों के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है. फिलहाल, छात्र सुरक्षित है और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस साजिश में दूसरे लोगों की कितनी भूमिका थी और पिता द्वारा भेजी गई 75 हजार रुपये की राशि का आगे क्या हुआ.



