उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम विशेष संदेश जारी किया है। अपनी पाती में मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे महिलाओं की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएं, बेटियों की शिक्षा में सहयोग करें और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में उनकी मदद करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि केवल शक्ति की उपासना का पर्व नहीं, बल्कि समाज में साहस, संकल्प और न्याय की भावना मजबूत करने का अवसर भी है।

नवरात्रि पर सीएम योगी ने दिया महिला सशक्तीकरण का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में मां दुर्गा की शक्ति और महिषासुर पर विजय का उल्लेख करते हुए कहा कि नवरात्रि हमें अन्याय, अहंकार और नकारात्मक प्रवृत्तियों के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भगवान श्रीराम द्वारा विजय से पहले मां जगदंबा की आराधना का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास किसी महिला के साथ अन्याय होने पर चुप न रहें और जरूरत पड़ने पर उसकी सहायता करें।
मिशन शक्ति से लेकर महिला पुलिस भर्ती तक का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्रि के दौरान मिशन शक्ति अभियान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को जनभागीदारी से जोड़ना है।
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 44 हजार से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पोषण अभियान और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। इन योजनाओं का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, माताओं के स्वास्थ्य और परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है।
एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनके अनुसार, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवारों की स्थिति मजबूत होती है और प्रदेश के विकास को गति मिलती है।
योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि के अवसर पर लोगों से तीन महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील की—किसी महिला की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनना, किसी बालिका की पढ़ाई में मदद करना और किसी महिला को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना।
मुख्यमंत्री का यह संदेश महिला सुरक्षा और सम्मान को सामाजिक जिम्मेदारी बनाने पर केंद्रित है। आने वाले समय में इन संकल्पों को व्यवहार में उतारना और महिलाओं को शिक्षा, रोजगार तथा सुरक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।



