
राजस्थान के जयपुर ग्रामीण जिले में आरएसएस के एक प्रचारक के साथ पुलिस हिरासत में कथित मारपीट का मामला सामने आया है. नरेना पुलिस स्टेशन में कृष्ण अवतार के साथ गलत व्यवहार, कपड़े उतरवाने और उनके गुप्तांगों पर चोट पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं. मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.
शिकायत के मुताबिक, घटना 10 अक्टूबर की रात की है, जब कृष्ण अवतार को बिना किसी सही कारण के थाने ले जाया गया. आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई और RSS से जुड़े होने को लेकर अपमानजनक बातें कही गईं. घटना की खबर सामने आने के बाद संघ के पदाधिकारियों और भाजपा के कुछ नेताओं ने नाराजगी जताई है.
नरेना थाने में क्या हुआ?
एफआईआर के अनुसार, यह घटना 10 अक्टूबर को रात करीब 9 बजे हुई. शिकायतकर्ता अनुराग आगीवाल ने आरोप लगाया कि कृष्ण अवतार को बिना किसी स्पष्ट वजह के नरेना पुलिस स्टेशन ले जाया गया. वहां उनके कपड़े उतरवाए गए और उनके साथ मारपीट की गई. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों ने अवतार के गुप्तांगों पर चोट पहुंचाई और उनके साथ गंदी भाषा का इस्तेमाल किया. आरोप है कि जब उन्होंने खुद को RSS का प्रचारक बताया, तब भी मारपीट नहीं रुकी.
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शिकायत के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा, “आज इसकी प्रचारकी उतार दो”. हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत में लगाए गए हैं और मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है. आरोप के अनुसार पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि “संघ ने देश को बर्बाद कर दिया है.” इस मामले पर RSS के आधिकारिक मीडिया विंग विश्व संवाद केंद्र के जोधपुर प्रांत ने भी प्रतिक्रिया दी है.
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?
संगठन ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाराजगी जाहिर की. पोस्ट में कहा गया कि प्रचारक के साथ कथित मारपीट और हमला “हर स्वयंसेवक के गाल पर एक करारा तमाचा है” संगठन की पोस्ट में आगे कहा गया “उसी आरएसएस का वफादार प्रचारक – जिसकी कोख से आज कुर्सी पर बैठे नेता निकले हैं खून से लथपथ एसएमएस अस्पताल में भर्ती है.”
किस अस्पताल में भर्ती है पीड़ित?
शिकायत के अनुसार, मारपीट के बाद कृष्ण अवतार की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी. सूत्रों के मुताबिक, उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया. शिकायतकर्ता अनुराग आगीवाल और अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिसकर्मियों ने अवतार के साथ दुर्व्यवहार किया. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हिरासत में लेने के लिए कौन-से कानूनी आधार अपनाए गए थे और क्या गिरफ्तारी की प्रक्रिया का पालन किया गया था. आगीवाल ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर यह पता लगाया जाए कि हिरासत के दौरान क्या हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल था.
कौन-कौन हुआ सस्पेंड?
मामले में दर्ज एफआईआर में नरेना पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी उमराव सिंह समेत सात लोगों के नाम शामिल हैं. आरोपों के सामने आने के बाद सिंह सहित छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं का उल्लेख किया गया है, जो गैरकानूनी रूप से लोगों के एकत्र होने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, गलत तरीके से रोकने या कैद करने, शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने और आपराधिक धमकी देने जैसे आरोपों से संबंधित हैं.



