पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में ट्विशा शर्मा के पिता की याचिका पर नोटिस जारी किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने CBI, गिरबाला सिंह और समर्थ सिंह को नोटिस भेजा है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश भी दिया. याचिका में अपनी बेटी की मौत के मामले की सुनवाई को भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग है.

Supreme Court stays further trial proceedings before the Bhopal Sessions Court in the Twisha Sharma death case until further orders, while issuing notice to the CBI, accused Samarth Singh and Giribala Singh on a plea seeking transfer of the trial to Delhi.

Twishas father, Navnidhi Sharma, moves Supreme Court seeking the transfer of the case to Delhi to ensure a free and fair trial.

Sharma raises concerns over the alleged influence of Giribala Singh, Twishas motherinlaw and a former district judge.

— ANI October 16, 2026

याचिका में क्या कहा गया है?

याचिकाकर्ता नवनिधि शर्मा ने आशंका जताई है कि इस मामले में सबूतों को आरोपी ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह द्वारा प्रभावित किया जा सकता है. यह चिंता मुख्य रूप से इस बात से पैदा होती है कि गिरिबाला उसी भोपाल सेशंस डिवीजन से ‘प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज’ के पद से रिटायर हुई हैं, जहां अब उनके खिलाफ मुकदमा चलना है.

ट्विशा की मौत के समय, गिरिबाला भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष थीं. 25 जुलाई को उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए, भोपाल के एक सेशंस जज ने टिप्पणी की थी कि सबूतों को प्रभावित किए जाने का डर “बेबुनियाद नहीं माना जा सकता”.

5 अदालतों से गुजरी गिरिबाला की जमानत अर्जी

कुछ महीने पहले, भोपाल में गिरिबला की जमानत अर्जी 5 अदालतों से गुजरी, जहां तीन जजों ने या तो फाइल वापस कर दी या खुद को मामले से अलग कर लिया. एक जज ने निजी कारणों से उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करने से मना कर दिया था. एक अन्य जज ने बताया कि समर्थ सिंह उनके अपने वकील थे, जबकि तीसरे जज ने कहा कि गिरिबला सिंह ने उन्हें प्रोबेशनर के तौर पर प्रशिक्षित किया था.