बिहार की राजनीति में मोकामा से जनता दल यूनाइटेड के विधायक अनंत सिंह के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के लिए उन्होंने 9 लोगों की कुर्बानी दी है. लालू यादव की सरकार में उनके 9 लोग मारे गए थे.

पहले उनके बयान को लेकर चर्चा हुई कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए 9 लोगों का मर्डर करा दिया. हालांकि, बाद में अनंत सिंह ने खुद सामने आकर सफाई दी और कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. उनका कहना था कि नीतीश कुमार के लिए उनके 9 लोगों की जान गई थी और उन्हें खुद भी गोली लगी थी. आइए जानते हैं कि अनंत सिंह ने जिन 9 लोगों का जिक्र किया, वे कौन थे और उनकी मौत कब हुई थी.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के लदमा गांव में STF और पटना पुलिस की जॉइंट टीम की एक गिरोह के साथ मुठभेड़ हुई थी. यह मुठभेड़ 6 घंटे से ज्यादा चली थी. इसमें अनंत सिंह के गिरोह के 8 सदस्यों और STF के एक जवान की मौत हुई थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, मारे गए 8 लोगों की पहचान भीम सिंह, डेनी, चिंटू कुमार, गणेश कुमार, बाल्मीकि सिंह, सुनील कुमार, रजनीश और सुरेंद्र कहार उर्फ बिट्ठल के रूप में हुई थी. इनमें भीम सिंह, डेनी, चिंटू कुमार, गणेश कुमार और बाल्मीकि सिंह बाढ़ अनुमंडल के रहने वाले थे. सुनील कुमार और रजनीश लदमा गांव के निवासी थे, जबकि सुरेंद्र कहार उर्फ बिट्ठल का संबंध पटना से था. वहीं, मुठभेड़ में घायल STF के एक जवान की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी.

अनंत सिंह के बयान से क्यों जुड़ रही पुरानी घटना?

अनंत सिंह के ताजा बयान और 2004 की मुठभेड़ के बीच समानता यह है कि दोनों ही मामलों में 9 लोगों की मौत का जिक्र सामने आया है. हालांकि, अनंत सिंह ने अपने बयान में सीधे तौर पर इस मुठभेड़ का जिक्र नहीं किया. उन्होंने इतना जरूर कहा कि लालू यादव की सरकार के दौरान पुलिस ने उनके लोगों को मार दिया था.

अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद सीट के उम्मीदवार को लेकर JDU में मतभेद सामने आए हैं. अनंत सिंह पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं. इसी राजनीतिक विवाद के बीच उन्होंने नीतीश कुमार के साथ अपने पुराने रिश्तों और कथित कुर्बानियों का जिक्र किया.