भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और इस बदलाव में टाटा मोटर्स ने बड़ी भूमिका निभाई है. वित्त वर्ष 202526 में कंपनी ने 92,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचकर नया रिकॉर्ड बनाया है. टाटा मोटर्स कई महीनों से देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कंपनी है.

टाटा के अनुसार पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों की रुचि तेजी से बढ़ी है. खासकर पश्चिम एशिया में तनाव और ईंधन की कीमतों में उतारचढ़ाव के बाद EV के बारे में पूछताछ तीन गुना तक बढ़ गई है. हालांकि कुछ खरीदार अब भी इलेक्ट्रिक कारों की रिसेल वैल्यू को लेकर चिंतित रहते हैं. इसको लेकर हाल ही में टाटा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक श्रीवत्स ने बड़ा बयान दिया.

गैजेट की तरह EV

विवेक श्रीवत्स ने ET से बातचीत में कहा कि भारत में ज्यादातर लोग कार खरीदते समय उसकी रीसेल वैल्यू के बारे में सोचते हैं, लेकिन उनका मानना है कि EV को पारंपरिक कार की तरह नहीं, बल्कि मोबाइल फोन या लैपटॉप जैसे गैजेट की तरह देखना चाहिए. उनका कहना है कि लोग स्मार्टफोन खरीदते समय यह नहीं सोचते कि कुछ साल बाद उसे कितने में बेच पाएंगे. वे इस बात पर ध्यान देते हैं कि उन्हें उससे कितना फायदा मिल रहा है. EV के साथ भी यही सोच अपनानी चाहिए.

EV का मजबूत बाजार बनाना जरूरी

टाटा का दावा है कि कई ग्राहक अपनी पुरानी EV बेचने के बजाय परिवार के किसी दूसरे सदस्य को दे देते हैं. इससे पता चलता है कि EV के प्रति लोगों की सोच धीरेधीरे बदल रही है. हालांकि कंपनी यह भी मानती है कि आने वाले समय में सेकेंड हैंड EV का मजबूत बाजार बनाना जरूरी होगा. इससे छोटे शहरों के ग्राहक भी कम कीमत में इलेक्ट्रिक वाहन खरीद सकेंगे. कंपनी का मानना है कि सरकार अगर इस्तेमाल की गई EV के लिए आसान फाइनेंस और कम ब्याज जैसी सुविधाएं दे तो बाजार को बढ़ावा मिल सकता है. साथ ही टाटा बैटरी हेल्थ सर्टिफिकेट और एक्स्ट्रा वारंटी जैसी सुविधाओं पर भी काम कर रही है ताकि ग्राहकों का भरोसा बढ़े.

Gen Z बनेगी सबसे बड़ी ताकत

टाटा के आंकड़ों के अनुसार 2025 में कार खरीदने वालों में Gen Z की हिस्सेदारी करीब 14% थी, जो 2030 तक बढ़कर 32% हो सकती है. यानी आने वाले वर्षों में युवा ग्राहक ऑटोमोबाइल बाजार की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं. कंपनी का कहना है कि नई पीढ़ी तकनीक, डिजाइन और पर्यावरण को ज्यादा महत्व देती है. यही वजह है कि टाटा अपने भविष्य के उत्पादों को Gen Z की जरूरतों के हिसाब से तैयार कर रही है.