
Gorakhpur Cow Rabies Case: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले के दो गांवों के करीब 450 लोगों को एंटी-रेबीज़ वैक्सीनेशन लगाया गया. ऐसा तब हुआ जब उन्होंने एक ऐसी गाय के दूध से बना चरणामृत पिया, जिसे रेबीज़ होने का शक था. मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 की शाम को अजीब हरकतें करने के बाद गाय की मौत हो गई, जिसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ने एहतियात के तौर पर वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की.
गाय के मालिक ने क्या कहा?
दूध दो लोकल दुकानों और कई घरों में भी सप्लाई किया गया था, जिससे दाढ़ी खास और पास के गोविंदपुर गांव के लोगों में चिंता बढ़ गई. गाय के मालिक, नवमी यादव के मुताबिक, जानवर पिछले एक-दो दिनों से बीमार लग रहा था, लेकिन मंगलवार को उसकी हालत काफी बिगड़ गई. यादव ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कब एक आवारा कुत्ते ने गाय को काट लिया.
गाय की हालत बिगड़ने पर, यादव ने प्राइवेट जानवरों के डॉक्टरों डॉ. बेचन सिंह और डॉ. हरदेव यादव के साथ-साथ दाढ़ी खास जानवरों के हॉस्पिटल के एक डॉक्टर से सलाह ली. यादव के मुताबिक, जानवरों के डॉक्टरों को शक था कि जानवर को कुत्ते ने काटा है. इसके बाद गाय भौंकने लगी और मंगलवार शाम को उसकी मौत हो गई. हालांकि एक वेटेरिनेरियन ने रेबीज़ की संभावना जताई, लेकिन अधिकारियों ने यह कन्फर्म नहीं किया है कि गाय को यह बीमारी थी या नहीं.
चरणामृत पिने वालों में डर का माहौल
गाय की मौत और उसके अजीब बर्ताव की खबर से उन लोगों में डर फैल गया जिन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान चरणामृत पिया था. लोगों ने एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज़ वैक्सीन लगवाना शुरू कर दिया. मंगलवार को, लगभग 50 लोग एंटी-रेबीज़ शॉट लगवाने के लिए कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) गए. अगले दिन, बुधवार, 21 अक्टूबर को, सेंटर से हेल्थ डिपार्टमेंट की एक टीम गांव पहुंची और लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक वैक्सीनेशन कैंप लगाया.
फार्मासिस्ट सिद्धार्थ सिंह की लीडरशिप वाली टीम में हेल्थ वर्कर अरशद, सोनू श्रीवास्तव, प्रियंका और अंकिता शामिल थे. जब बड़ी संख्या में गांववाले कैंप में पहुंचे तो उन्होंने वैक्सीन लगाना जारी रखा. बुधवार शाम तक, टीम ने लगभग 400 लोगों को वैक्सीन लगा दी थी, जिससे वैक्सीन लगवाने वालों की कुल संख्या लगभग 450 हो गई.
डिप्टी चीफ मेडिकल ऑफिसर ने क्या बताया?
गोरखपुर के डिप्टी चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि गाय को कथित तौर पर एक कुत्ते ने काट लिया था और भक्तों ने दुर्गा पूजा के दौरान उसके दूध से बना चरणामृत पिया था. कुमार ने कहा कि गाय मर गई है, और लोग डर गए थे. इसलिए, एहतियात के तौर पर 450 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई.
उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की, यह समझाते हुए कि दही बनाने और बाद में चरणामृत में मिलाने से पहले दूध को शायद उबाला गया होगा. उन्होंने कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है. दूध उबालने से वायरस खत्म हो जाता है, और यह भी कहा कि अधिकारियों ने लोगों के डर की वजह से वैक्सीन लगाईं.



