दशहरा उत्सव के दौरान ढालपुर में जुटे देव समाज, कारकूनों, देवलुओं और श्रद्धालुओं के लिए आखिरी दिन खुशी के साथ भावुकता भरा भी रहा। सात दिनों तक देवताओं की मौजूदगी से गुलजार रहा ढालपुर मैदान अब धीरेधीरे खाली होने लगा।