Karnataka News: दक्षिण पश्चिम रेलवे को ट्रेन के शौचायलों में पानी न होना और यात्रियों की शिकायत पर कार्रवाई न करना भारी पड़ गया है. जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, शिवमोग्गा ने रेलवे अधिकारियों की सेवा में कमी मानी. उन्हें टिकट की मूल राशि 6% ब्याज के साथ लौटाने और पीड़ित यात्री को 15,000 का मुआवजा व अदालती खर्च देने का कड़ा आदेश दिया है. मामला यशवंतपुर से शिवमोग्गा जा रही ट्रेन संख्या 66575 से जुड़ा है, जिसमें एक ही परिवार के 24 सदस्यों को पानी न मिलने और स्टेशन मास्टर का रिस्पॉन्स न मिलने के कारण मजबूरी में बीच रास्ते तुमकुरु स्टेशन पर उतरना पड़ा था.

जानकारी के मुताबिक, शिवमोग्गा के बसवनगुडी स्थित पीडब्ल्यूडी क्वाटर्स निवासी नागेंद्र अपने परिवार व रिश्तेदारों के कुल 23 सदस्यों के साथ यशवंतपुर से शिवमोग्गा जाने के लिए ट्रेन संख्या 66575 में सवार हुए थे. उन्होंने 1,000 के जनरल क्लास टिकट खरीदे थे. यात्रा के दौरान ट्रेन के शौचालयों में पानी नहीं था. जब ट्रेन तुमकुरु स्टेशन पहुंची, तो यात्रियों ने तुरंत तुमकुरु के स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी. हालांकि, अधिकारियों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया और न ही पानी भरने की व्यवस्था की गई. अधिकारियों के उपेक्षापूर्ण रवैये से तंग आकर परिवार तुमकुरु स्टेशन पर ही उतर गया और उन्हें आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन के टिकट लेने पड़े, जिस पर 1,760 का अतिरिक्त खर्च आया.
कानूनी नोटिस का जवाब न मिलने पर पहुंचे कंज्यूमर कोर्ट
अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ यात्री नागेंद्र ने कानूनी रास्ता अपनाया. नागेंद्र ने पहले रेलवे अधिकारियों को विधिक नोटिस भेजा. जब रेलवे की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने शिवमोग्गा जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. 23 अक्टूबर को आयोग के अध्यक्ष टी शिवन्ना और सदस्य बीडी योगानंद भांड्या की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए रेलवे की लापरवाही को साबित पाया.
रिफंड, ब्याज और 15,000 मुआवजा देने के आदेश
आयोग ने दक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलुरु और तुमकुरु के स्टेशन मास्टर्स को निम्नलिखित भुगतान 45 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया है. 1,000 की मूल टिकट राशि 15 अप्रैल 2025 से 6% वार्षिक ब्याज दर के साथ लौटानी होगी. यात्रियों को हुई असुविधा और परेशानी के लिए 10,000 का मुआवजा देने का आदेश दिया गया. मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में 5,000 का अतिरिक्त भुगतान करने का निर्देश दिया गया है.



