दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के तहत दिल्ली आए तमिलनाडु के 84 सदस्यीय युवा संगम प्रतिनिधिमंडल से संवाद किया. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स का स्वागत करते हुए कहा कि युवा संगम देश की सांस्कृतिक विविधता को समझने, युवाओं के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत आयोजित यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के युवाओं को एकदूसरे की संस्कृति, परंपराओं, विकास यात्रा और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर देता है. भारत की असली ताकत उसकी विविधता में है. अलगअलग भाषाएं, खानपान, कला और जीवनशैलियां देश की पहचान को समृद्ध बनाती हैं.
तमिलनाडु की विरासत और उपलब्धियों की सराहना
रेखा गुप्ता ने तमिलनाडु की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साहित्य, कला और ज्ञान परंपराओं की सराहना की. उन्होंने कहा कि शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्र में तमिलनाडु का महत्वपूर्ण योगदान है. उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल को राजधानी की सांस्कृतिक विविधता, विकास कार्यों और शासन व्यवस्था को समझने का अवसर मिलेगा.
मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और ईवी पॉलिसी को जानने का न्योता
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को दिल्ली की आधुनिक परिवहन व्यवस्था, मेट्रो नेटवर्क, इलेक्ट्रिक बसों और नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को करीब से देखने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने छात्रों से दिल्ली के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण करने तथा राजधानी को आधुनिक, स्वच्छ और जनहितैषी बनाने के प्रयासों पर अपने सुझाव साझा करने का भी आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि युवाओं का ज्ञान, कौशल और नवाचार विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से दिल्ली में अपने अनुभवों को परिवार, मित्रों और समाज के साथ साझा करने की अपील की, ताकि विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और मजबूत हो सके.
1 नवंबर तक दिल्ली में रहेगा प्रतिनिधिमंडल
युवा संगम फेज7 के तहत सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ तमिलनाडु के विद्यार्थियों और फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स का 84 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दिल्ली के दौरे पर है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों के युवाओं के बीच संपर्क बढ़ाना और उन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता, विकास, नवाचार, शासन व्यवस्था तथा सामुदायिक जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव देना है.
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्रालय के उप सचिव श्रेयांश मोहन, युवा संगम फेज7 के नोडल अधिकारी प्रो. के.पी. सिंह, एसजीटीबी खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. गुरमोहिंदर सिंह, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ तमिलनाडु के फैकल्टी कोऑर्डिनेटर प्रो. नागेश्वर राव डी और अंश मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे.



