केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कांग्रेस को अपनी चुनावी हार का कारण बताने की चुनौती दी. उन्होंने चुनाव आयोग की आलोचना और वोटर लिस्ट में खास तौर पर बड़े पैमाने पर बदलाव के विरोध पर सवाल उठाए. रिजिजू ने कांग्रेस पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उनकी यह टिप्पणी बदलाव की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज पर आरोपों को लेकर कानूनी और राजनीतिक टकराव के बीच आई है.

सोशल साइट एक्स पर एक पोस्ट में, ने विपक्षी पार्टी से पांच सवाल पूछे. 2014 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए, उन्होंने पूछा कि कांग्रेस 44 सीटों पर क्यों सिमट गई? जबकि चुनाव कमिश्नर उसकी सरकार ने नियुक्त किए थे.
उन्होंने पूछा, “2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 44 सांसद कैसे मिले, जबकि चुनाव कमिश्नर उनकी सरकार ने नियुक्त किए थे?” 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए, रिजिजू ने पूछा कि जब मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग के प्रमुख नहीं थे, तो कांग्रेस को लगातार तीसरी हार कैसे मिली?
हार का ठीकरा EC पर क्यों? रिजिजू ने कांग्रेस को घेरा
ज्ञानेश कुमार 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान इलेक्शन कमिश्नर थे, उन्होंने उस साल 15 मार्च को पदभार संभाला था. पीटीआई के मुताबिक, वह 19 फरवरी, 2025 को चीफ इलेक्शन कमिश्नर बने.
I challenge Congress party to answer to the basic questions:
1. How did congress get only 44 MPs in 2014 Lok Sabha election when Election Commissioners were appointed by their Govt?
2. When Gyanesh Kumar was not CEC in 2024, how did Congress face a hatric defeat?
3. Will present congress CMs resign & also apologize for forming the Govts during 2014 to 2026?
4. Should all the names in voter lists who are illegal immigrants, dead, shifted or duplicate be removed from voter list or not?
5. Were SIRs carried out in 195256, 195861, 196566, 198384, 198788, 1993, 1995, and 20022004 illegal?
One family party with outside forces is trying to destroy the Constitution & Indian Democracy.
— Kiren Rijiju October 31, 2026
रिजिजू ने यह भी पूछा कि क्या अभी पद पर बैठे कांग्रेस के मुख्यमंत्री 2014 और 2026 के बीच हुए चुनावों के बाद सरकार बनाने के लिए इस्तीफा देंगे और माफी मांगेंगे.
मतदाता सूची में बदलाव का बचाव करते हुए, रिजिजू ने कहा कि गैरकानूनी इमिग्रेंट्स, मृत वोटर्स और घर बदलने वाले लोगों के नाम, साथ ही डुप्लीकेट एंट्री हटा दी जानी चाहिए. उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस ऐसे नाम हटाने का विरोध करती है.
रिजिजू ने उठाया बाहरी ताकतों का मुद्दा
उन्होंने पहले भी मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव का जिक्र किया और पूछा कि क्या 195256, 195861, 196566, 198384, 198788, 1993, 1995 और 20022004 में किए गए ऐसे ही काम गैरकानूनी थे. मंत्री ने आरोप लगाया, “एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रही है.”
26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में फाइल किए गए एक एफिडेविट में, इलेक्शन कमीशन ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने एकतरफा फैसले लिए थे. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़े ऑर्डर तीन सदस्य वाले चुनाव आयोग ने एकमत से मंजूर किए थे.
रिजिजू के सवाल कांग्रेस की चुनावी हार, इलेक्शन कमीशन की आलोचना और वोटर लिस्ट में रिवीजन के विरोध पर थे, जबकि चुनाव आयोग ने कहा कि इस काम पर फैसले एकमत से लिए गए थे.



