Nainital Bulldozer Action: उत्तराखंड के नैनीताल में रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में आज सुबह से अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का बड़ा अभियान जारी है. सुबह करीब 6:30 बजे भारी पुलिस बल, जिला प्रशासन और वन विभाग की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई. इस दौरान कच्चे और पक्के मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है. इसी दौरान कार्रवाई के बीच एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई. यही नहीं 34 वर्षीय समसाद हुसैन अपने घर की छत से नीचे गिरकर घायल हो गए. वहीं 25 वर्षीय मोबिना बी अपने घर पर बुलडोजर चलता देख तनाव में आकर बेहोश हो गईं,

बताया जा रहा है कि महिला को हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उसे तत्काल रामनगर के रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में चिंता का माहौल है. महिला का नाम फतमा है और वो 45 साल की हैं. फातमा के बेटे शादाब ने बताया कि वह देर रात से ही अपना सामान हटाने में लगे हुए थे.
प्रशासनिक अमले में अपना तफरी मच गई
शादाब ने बताया कि आज जब प्रशासन ने कार्रवाई की तो इस दौरान उनकी मां को दिल का दौरा पड़ गया. इसके बाद प्रशासनिक अमले में अपना तफरी मच गई. उन्होंने तुरंत ही मौके पर मौजूद एंबुलेंस के माध्यम से महिला को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया. कार्रवाई के बीच समसाद हुसैन अपने घर की छत से नीचे गिरकर जख्मी हो गए. वहीं 25 वर्षीय मोबिना बी अपने घर पर बुलडोजर चलता देख तनाव में आकर बेहोश हो गईं. उन दोनों को भी रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया गया.
अस्पताल के डॉक्टर गौरव सुंद्रियाल ने बताया कि समसाद के सिर के दाहिने हिस्से यानी राइट फोरहेड पर चोट आई है. इसके अलावा सिर के पीछे भी हल्का घाव है. डॉक्टरों ने उनके घाव पर टांके लगाकर प्राथमिक इलाज किया. समसाद ने बेहोशी, उल्टी और चक्कर आने जैसी शिकायतों से इनकार किया है. वहीं मोबिना बी की उस समय तबीयत बिगड़ गई, जब उन्होंने अपने घर पर बुलडोजर चलता देखा. इस दौरान वह तनाव में आ गईं और बेहोश हो गईं उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज शुरू किया गया.
कार्रवाई फेज2 के तहत की जा रही
अपर कोसी क्षेत्र में यह कार्रवाई फेज2 के तहत की जा रही है. प्रशासन की इस कार्रवाई में करीब 80 से 82 परिवारों के मकानों को हटाया जा रहा है. पूरे इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ फायर टीम, वन विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर तैनात हैं. कार्रवाई शुरू होने से पहले ही देर रात कई परिवारों ने खुद अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था. लोग अपने आशियानों से ईंटें, दरवाजे और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए.
प्रभावित परिवारों का रोरोकर बुरा हाल
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2025 में फेज1 के तहत करीब 51 परिवारों को हटाया गया था. वहीं फेज2 में 90 से अधिक परिवारों को हटाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन करीब 9 से 10 परिवारों के मामले हाईकोर्ट में होने के चलते फिलहाल उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है. कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों का रोरोकर बुरा हाल है.
महिलाओं और बच्चों के सामने आशियाना छिनने के साथ ही रहने का संकट खड़ा हो गया है. प्रभावित लोगों का कहना था कि ठंड के इस मौसम में आखिर वे अपने बच्चों और परिवार को लेकर कहां जाएं. फिलहाल अपर कोसी क्षेत्र में प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है. इस बीच इन तीन घटनाओं ने पूरे अभियान के दौरान मानवीय संकट की तस्वीर भी सामने ला दी है.



