Mathura News: विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर को लेकर गठित हाई पावर कमेटी की 17वीं बैठक गुरुवार को संपन्न हुई. बैठक के बाद कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मीडिया से बातचीत नहीं कर सके. हालांकि, हाई पावर कमेटी के सदस्य रजत गोस्वामी ने बैठक में हुई चर्चाओं और फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने मंदिर में गोस्वामी समाज के प्रवेश को लेकर चल रही चर्चाओं का खंडन करते हुए इसे भ्रामक बताया और संबंधित मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कही.

‘खाली जेब’ वाली खबर को बताया भ्रामक
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा चल रही थी कि बांके बिहारी मंदिर में प्रवेश के दौरान गोस्वामी समाज के लोग अपने साथ एक भी रुपया नहीं ले जा सकेंगे और उन्हें खाली जेब मंदिर में प्रवेश करना होगा. इस संबंध में एक समाचार प्रकाशित होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया. बैठक के बाद रजत गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि यह खबर पूरी तरह भ्रामक है. उन्होंने बताया कि हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने भी इस खबर का खंडन किया है. संबंधित समाचार के संबंध में कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
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बैंक कर्मचारियों की बैठक से जुड़ा था मामला
रजत गोस्वामी के अनुसार, जिस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाया गया, वह केवल बैंक प्रबंधन द्वारा बैंक कर्मचारियों के लिए आयोजित बैठक से संबंधित थी. इसका गोस्वामी समाज या मंदिर में उनके प्रवेश से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक खबरों से अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हुई.
बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर हुई चर्चा
हाई पावर कमेटी की बैठक में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में मंदिर के अंदर सेंट्रल एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रणाली विकसित करने और वरिष्ठ नागरिकों व ब्रजवासियों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था लागू करने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया गया.
सदस्यों ने मांगे वित्तीय दस्तावेज
बैठक के दौरान हाई पावर कमेटी के सदस्यों ने मंदिर प्रशासन से वित्तीय और प्रशासनिक दस्तावेज उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया. रजत गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार लिखित रूप से दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, लेकिन अब तक उन्हें आवश्यक रिकॉर्ड नहीं दिए गए.
उन्होंने कहा कि मंदिर कार्यालय में दस्तावेज देखने की अनुमति भी नहीं दी जाती थी. इस पर अध्यक्ष अशोक कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हाई पावर कमेटी के सभी सदस्यों को आवश्यक दस्तावेज, बैलेंस शीट, बैठक के मिनट्स और एजेंडा सहित सभी संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएंगे.
31 जुलाई को होगी अगली बैठक
रजत गोस्वामी ने बताया कि अगले दो दिनों में हाई पावर कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल एडीएम कार्यालय जाकर उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का अवलोकन करेगा. इसके बाद 31 जुलाई को अगली बैठक आयोजित की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेजों की जांच के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी.
जमीन खरीद में अनियमितता की आशंका
बैठक में मंदिर से जुड़ी जमीनों की खरीदफरोख्त का मुद्दा भी उठाया गया. रजत गोस्वामी ने कहा कि कुछ मामलों में जमीन बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे जाने की आशंका है. उन्होंने संबंधित प्रस्तावों, आदेशों और रजिस्ट्री की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की.
इसके अलावा यह सवाल भी उठाया गया कि जिन संपत्तियों की रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी है, उन पर मंदिर प्रबंध समिति ने अब तक कब्जा क्यों नहीं लिया. इस संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. हाई पावर कमेटी का कहना है कि दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.


