पंजाब की राजनीति और किसान आंदोलनों से जुड़ा एक बहुत बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियां ने अपनी पूरी टीम के साथ आगामी विधानसभा चुनावों के लिए शिरोमणि अकाली दल को समर्थन देने का ऐलान किया है. पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं.

देश के बड़े किसान नेताओं में शुमार और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियां ने जिला अध्यक्षों और अपने तमाम समर्थकों के साथ शिरोमणि अकाली दल को अपने संगठन की और से समर्थन दे दिया है. किसान यूनियन के इस कदम को शिरोमणि अकाली दल के लिए एक बहुत बड़ी चुनावी रणनीतिक कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है. शिरोमणि अकाली दल के चंडीगढ़ के मुख्य कार्यालय में हुई एक विशेष बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी में ये आधिकारिक घोषणा की गई.
शिरोमणि अकाली दल ने किया है फैसले का स्वागत
इस घोषणा के बाद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं ने हरमीत सिंह कादियां और उनकी पूरी टीम का पार्टी में स्वागत किया. सुखबीर बादल ने कहा कि आज पंजाब के किसानों और किसानी से जुड़े लोगों के लिए बेहद खुशी का दिन है. हरमीत सिंह कादियां और उनकी टीम का शिरोमणि अकाली दल पर भरोसा जताना इस बात का सबूत है कि अकाली दल ही एकमात्र ऐसी क्षेत्रीय पार्टी है जो हमेशा पंजाब के किसानों और मजदूरों के हितों के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ी रही है. पार्टी ने अन्य तमाम किसान व मजदूर यूनियनों से भी अपील की है कि वे अकाली दल को मजबूत करें ताकि सत्ता में आने पर खेती को एक लाभकारी पेशा बनाने के लिए ठोस नीतियां लागू की जा सकें.
हरमीत सिंह कादियां पंजाब के मांझा और दोआबा और अन्य क्षेत्रों में किसानों के बीच एक बेहद प्रभावशाली चेहरा हैं. वो संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक रहे हैं और कर्ज माफी, फसलों पर एमएसपी की गारंटी तथा पराली प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों पर लगातार किसानों की आवाज बुलंद करते आए हैं. हरमीत सिंह कादियां और उनकी यूनियन द्वारा अकाली दल को समर्थन दिए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों और विशेषकर जट्टसिख व किसान वोट बैंक में अकाली दल की पकड़ एक बार फिर बेहद मजबूत हो जाएगी.
किसानों से क्या किया है वादा?
समर्थन मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल ने किसानों से वादा किया है कि वे सरकार में आने पर कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी लंबित मुद्दों और मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल करेंगे. पार्टी का कहना है कि वे पंजाब की किसानी को बचाने और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.
TV9 से बातचीत करते हुए हरमीत सिंह कादियां ने कहा कि अपनी आठ मांगों को लेकर उनके संगठन के नेता पंजाब की तमाम राजनीतिक पार्टियों के पास गए थे लेकिन, शिरोमणि अकाली दल ने ही उनके संगठन की सभी मांगों को अपने मेनिफेस्टो में रखने और सरकार बनने की स्थिति में पूरा करने का आश्वासन दिया है. हरमीत सिंह कादियां ने कहा कि ये समर्थन पूरी तरह से नॉनपॉलिटिकल है और हमारा किसान संगठन सिर्फ पार्टी का समर्थन अपनी मांगों को लेकर कर रहा है. लेकिन, हमारे किसान नेताओं में से कोई भी चुनाव नहीं लड़ेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि भले ही आने वाले दिनों में शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के बीच गठबंधन हो जाए लेकिन ऐसी स्थिति में भी हमारा किसान संगठन सिर्फ अकाली दल के उम्मीदवारों का ही समर्थन करेगा क्योंकि हमने अकाली दल के भरोसे के बाद ही उन्हें समर्थन दिया है.



