Noida fire news: नोएडा के ममूरा गांव में बुधवार को एक मकान में भीषण आग लग गई. इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई. अभी तक 50 लोगों का रेस्क्यू किया गया गया है. आग लगने के बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। मकान में रहने वाले कुछ लोग अब भी अंदर ही फंसे हुए हैं. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची हैं और बचाव अभियान शुरू किया है. वहीं, पुलिस ने पांच मंजिला मकान के मालिक को हिरासत में ले लिया है.

आग लगने की वजह इलेक्ट्रिक बाइक में हुई स्पार्किंग मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि मकान के अंदर खड़ी इलेक्ट्रिक बाइक में अचानक चिंगारी उठी, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया. हालांकि, आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए फायर विभाग और पुलिस जांच कर रही है.

50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

आग इतनी तेजी से फैली कि मकान में मौजूद कई लोग अंदर ही फंस गए. फायर विभाग की टीम ने तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाते हुए करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों और अन्य उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. कुछ लोग एक मकान से दूसरे मकान पर सीढ़ी रखकर बाहर निकाला गया.

दो लोगों की दर्दनाक मौत

हादसे में दो लोगों की मौत हो गई. फिलहाल मृतकों की पहचान और आग लगने के समय उनकी स्थिति को लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

जांच में जुटे अधिकारी

पुलिस और फायर विभाग के अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं. शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक बाइक से स्पार्किंग की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है.

इस हादसे में 26 वर्षीय महिला और एक पुरुष की दर्दनाक मौत हो गई. मामूरा की संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण दमकल कर्मियों को राहत और बचाव अभियान चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस घटना के बाद एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में फायर सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके.