World Snake Day Facts: सांप बारबार अपनी जीभ बाहर निकालते हैं, लेकिन यह किसी को डराने के लिए नहीं होता है। दरअसल, यह सांपों के लिए बेहद जरूरी होता है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इंसान अपने आसपास की चीजों पर निगरानी रखने के लिए जैसे अपने आंख, नाक व कान का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही सांप अपने आसपास के माहौल को समझने के लिए अपने जीभ का इस्तेमाल करता है।

जीभ से वे हवा में मौजूद गंध के कणों को पकड़ते हैं और इससे उन्हें शिकार के बारे में, रास्ता और खतरे के बारे में भी पता चलता है।

सांप का जीभ कैसे काम करता है

सभी सांपों में वोमेरोनैसल अंग होता है, जिसे कभीकभी जैकबसन अंग भी कहा जाता है। सांप के मुख के ऊपरी भाग पर स्थित यह विशेष अंग सूंघने का काम करता है। फिर इन्हीं सूक्ष्म रासायनिक कणों को द्वारा समझने में सहायता मिलती है। जीभ बहुत तेजी से हवा, पानी या जमीन से इन कणों को खोजकर जैकबसन अंग तक पहुंचाती है। अंग फिर इस जानकारी को मस्तिष्क तक पहुंचाता है, जो संदेश को समझता है और फिर सांप उसी के अनुसार, व्यवहार करता है।

सांपों के होंठों की बनावट विशेष होती है, जिससे उनकी जीभ बिना मुंह खोले लगातार हवा का स्वाद ले पाती है।

भोजन के लिए

सांपों के जीभ बाहर निकालने का एक और कारण भोजन भी है। जैसा कि सभी को ज्ञात है कि अपने भोजन के लिये दूसरों जीवों पर निर्भर रहते हैं। इसलिये वो अन्य जीवों का शिकार करने के लिये अपनी जीभ से उनका पता लगाने की कोशिश करते हैं। आपको बता दें कि सांप की देखने की क्षमता बहुत कम होती है। यही वजह है कि अपना बचाव और शिकार करने के लिये वो जीभ का इस्तेमाल करते हैं।

दो हिस्सों में बंटा सांप का जीभ

सांप का जीभ बीचोबीच से लंबाई में दो भागों में बंटा होता है, जिससे वो चारों दिशाओं की स्थिति को आंक लेते हैं। सांप को तीनडायमेंशनल महसूस करने में मदद मिलती है। जीभ के दोनों सिरे अलगअलग दिशाओं से गंध पकड़ते हैं, जिससे सांप बहुत सटीक तरीके से जान पाते हैं कि गंध किस दिशा से आ रही है और कितनी दूर है।