Noida Mamura fire: गौतम बुद्ध नगर के थाना फेस3 क्षेत्र स्थित सेक्टर66 के ममूरा इलाके में बुधवार दोपहर एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से अफरातफरी मच गई. हादसे में 26 वर्षीय महिला और एक पुरुष की मौत हो गई, जबकि फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की तत्परता से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह ग्राउंड फ्लोर पर चार्जिंग में लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में स्पार्किंग को माना जा रहा है. पुलिस ने मामले में बिल्डिंग के मालिक और लीज धारक को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है.

ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी से शुरू हुई आग
गौतम बुद्ध नगर के जॉइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि जिस इमारत में आग लगी, वह जी+4 की बिल्डिंग थी, जिसमें करीब 50 परिवार रहते थे. प्रत्येक फ्लोर पर 2BHK के 6 फ्लैट थे. इस तरह बिल्डिंग में कुल 26 फ्लैट थे थे. ग्राउंड फ्लोर को पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जाता था.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पार्किंग में चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक स्पार्किंग हुई. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसके बाद आग पास में खड़े पेट्रोल वाहनों तक पहुंच गई और देखते ही देखते पूरी पार्किंग को अपनी चपेट में ले लिया. कुछ ही देर में धुआं और आग ऊपरी मंजिलों तक फैल गई, जिससे पूरी इमारत में अफरातफरी मच गई.
100 से अधिक लोगों का रेस्क्यू, 2 की गई जान
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया. मामूरा की संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने सामने स्थित इमारत में सीढ़ियां लगाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया. इस दौरान करीब 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया. आग में गंभीर रूप से झुलसे 2 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
लोगों को कैसे किया गया रेस्क्यू?
बता दें कि जिस गली में ये बिल्डिंग थी, वहां का रास्ता काफी संकरा था. ऐसे में फायर ब्रिगेड कर्मियों के लिए लोगों का रेस्क्यू करना काफी चुनौतीपूर्ण था. फायर की एक टीम तुरंत बगल वाले घर के छत पर पहुंची और सीढ़ी लगाकर हादसे वाली बिल्डिंग की छत पर गई. चूंकि आग लगने की डर की वजह से काफी लोग छत पर आ गए थे, फिर धीरेधीरे फायर टीम ने सभी को सीढ़ी की मदद से नीचे उतारा. वहीं बिल्डिंग की फर्स्ट फ्लोर पर फंसे लोगों को एक अन्य फायर टीम ने रेस्क्यू किया.
CM योगी ने लिया घटना का संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा अग्निकांड का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और राहत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के आदेश भी जारी किए. साथ ही प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए.
बिल्डिंग मालिक और लीज धारक हिरासत में, मुकदमा दर्ज
जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि हादसे के बाद थाना फेस3 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने भवन मालिक और लीज धारक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इमारत में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी मानकों का पालन किया गया था या नहीं. यदि सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
संकरी गलियों ने बढ़ाई राहत कार्य की चुनौती
मामूरा क्षेत्र की घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड को राहत एवं बचाव अभियान चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से शुरुआती समय में आग पर काबू पाने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़े. इसके बावजूद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया और बड़ा हादसा टाल दिया.
फायर सेफ्टी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर बहुमंजिला रिहायशी इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए. पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, इमरजेंसी एग्जिट और नियमित सुरक्षा ऑडिट जैसी व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.



