पूरे दुनियां की नजर इस नई नवेली ट्रेन पर होगी. जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस ट्रेन को जनता को समर्पित करेंगे. यह कोई आम ट्रेन नही बल्कि दुनिया में 10 कोच वाली पहली हाइड्रोजन ट्रेन होगी. दुनियां के कुछ देशों में पहले से ही हाईड्रोजन ट्रेनों का परिचालन हो रहा है. लेकिन कहीं तीन कोच तो कुछ औऱ. पहली बार 10 कोच के साथ भारत एक नया प्रयोग करने जा रहा है जिसपर सबकी नजर होगी.

रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि यह भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन है. ऐसे में मंत्रालय की इच्छा थी कि इसे दिल्ली के आस पास ही रखा जाए. कई और वजहों से इसे जींद ले जाया गया. इसके बाद आने वाले दिनों में देश के दूसरे हिस्सों में भी इसका विस्तार होगा. जानकारी के मुताबिक इसमें कम से कम दो से तीन साल और लगेंगे.
डीजल का धुंआ नहीं निकलेगा पानी का भाप
यह पर्यावरण के अनुकूल ट्रेन है. इसमें पारंपरिक डीजल के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग होता है, जिससे धुएं के बदले सिर्फ जलवाष्प निकलती है. परीक्षणों के दौरान इसने 120 किमी/घंटा की गति हासिल की थी, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसकी परिचालन गति 75 किमी/घंटा तय की गई है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इस 10कोच वाली ट्रेन में 682 सीटें हैं और यह एक बार में करीब 2600 यात्रियों को ले जा सकती है. यह एक नॉनएसी ट्रेन है जिसमें आरामदायक लग्जरी सीटें, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाइड्रोजन लीक डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है.
17 जुलाई को होगा उद्घाटन!
भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन का उद्घाटन 17 जुलाई 2026 को होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. यह ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलेगी. यह ट्रेन 89 किलोमीटर की एकतरफा दूरी को करीब 2 घंटे में तय करेगी. नियमित सेवा शुरू होने पर यह प्रतिदिन दो राउंड ट्रिप लगाएगी. ट्रेन नंबर 74010: जींद से सुबह 07:40 बजे चलकर 09:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी. ट्रेन नंबर 74009: सोनीपत से सुबह 10:40 बजे चलकर दोपहर 01:00 बजे जींद वापस पहुंचेगी. यह ट्रेन रास्ते में कुल 12 स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भम्भेवा, ईशापुर खेरी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, राभरा, लाठ, मोहना हरियाणा और बरवासनी शामिल हैं.



