हर व्यक्ति की खाने की पसंद अलग होती है. कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जिन्हें लोग बिना सोचे ही अपनी थाली से दूर कर देते हैं. तुरई भी ऐसी ही सब्जियों में शामिल है, जिसे कई लोग स्वाद की वजह से पसंद नहीं करते. खासकर बच्चों और युवाओं में इसे लेकर ज्यादा उत्साह नहीं दिखता. हालांकि, किसी भी सब्जी को केवल उसके स्वाद के आधार पर नजरअंदाज करना सही नहीं माना जाता, क्योंकि कई बार वही चीजें शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा सोर्स होती हैं.

तुरई में , विटामिन सी, विटामिन ए, पोटैशियम और पानी अच्छी मात्रा में पाया जाता है. यह हल्की और आसानी से पचने वाली सब्जी मानी जाती है, इसलिए इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। सही तरीके से बनाने पर इसका स्वाद भी काफी बेहतर हो सकता है. अगर आप भी तुरई से दूरी बनाकर रखते हैं, तो एक बार इसे अलग तरीके से बनाकर जरूर देखें. आइए जानते हैं कि तुरई को कैसे बनाया जाए कि स्वाद भी बढ़े और हर कोई इसे खुशी से खाए.

इन टेस्टी रेसिपीज़ से बढ़ाएं तुरई का स्वाद

भरवां तुरई

तुरई को बीच से हल्का चीरा लगाकर उसमें प्याज, बेसन, धनिया, सौंफ और मसालों का मिश्रण भर दें. इसके बाद इसे धीमी आंच पर कम तेल में पकाएं. यह रेसिपी स्वाद से भरपूर होती है और तुरई के पोषक तत्व भी काफी हद तक बने रहते हैं. इसे रोटी या पराठे के साथ परोसा जा सकता है.

तुरई का चीला

कद्दूकस की हुई तुरई में बेसन, बारीक कटी हरी मिर्च, प्याज, धनिया और हल्के मसाले मिलाकर घोल तैयार करें. इसे नॉनस्टिक तवे पर कम तेल में दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें. यह हल्का और स्वादिष्ट नाश्ता है, जिसमें फाइबर और प्रोटीन दोनों मिलते हैं. इसे हरी चटनी के साथ खाया जा सकता है.

तुरई कोफ्ता करी

कद्दूकस की हुई तुरई में बेसन और मसाले मिलाकर छोटेछोटे कोफ्ते बना लें. इन्हें कम तेल में एयर फ्राई, बेक या हल्का सेंककर टमाटर और प्याज की ग्रेवी में डालें. इससे स्वाद बढ़ जाता है और ज्यादा तेल की जरूरत भी नहीं पड़ती. यह रेसिपी दोपहर या रात के खाने के लिए अच्छी रहती है.

तुरई की सूखी मसाला सब्जी

तुरई को छोटे टुकड़ों में काटकर जीरा, प्याज, टमाटर, हल्दी, धनिया और दूसरे मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाएं. आखिर में हरा धनिया डालकर परोसें. यह सब्जी जल्दी तैयार हो जाती है और इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है. इसे दाल और रोटी के साथ खाया जा सकता है.

तुरई बनाते समय किन गलतियों से बचें?

तुरई को बहुत ज्यादा देर तक पकाने से बचें, क्योंकि इससे इसका स्वाद और पोषक तत्व दोनों कम हो सकते हैं. पकाते समय जरूरत से ज्यादा पानी न डालें, क्योंकि तुरई खुद भी पानी छोड़ती है. बहुत ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल करने से इसका प्राकृतिक स्वाद दब सकता है.

बासी या ज्यादा पकी हुई तुरई का उपयोग न करें. सब्जी बनाने से पहले इसे अच्छी तरह धो लें और जरूरत के अनुसार ही छिलका उतारें. ताजी सामग्री और सही मात्रा में मसालों का इस्तेमाल करने से तुरई की सब्जी ज्यादा स्वादिष्ट और पौष्टिक बनती है.