Bahraich Woman Hospital Negligence: यूपी के बहराइच जिले में स्थित महिला अस्पताल में गंभीर लापरवाही का मामले सामने आया है, जिसे चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके चलते उसे पैदल ही लेबर रूम ले जाया जा रहा था. इसी दौरान महिला का प्रसव हो गया और नवजात फर्श पर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. मामला जिले के मामला हरदी थाना क्षेत्र का है.

थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर ग्राम पंचायत के नेपालपुरवा गांव की रहने वाली गर्भवती ज्योति को प्रसव पीड़ा होने पर उनके पति अमित शुक्ल ने रविवार को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला अस्पताल में भर्ती कराया था. परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर ने जांच के बाद अल्ट्रासाउंड कराया और सोमवार सुबह दवा दी गई. दोपहर करीब 3 बजे प्रसव पीड़ा तेज होने पर उन्होंने स्ट्रेचर की मांग की, आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने स्ट्रेचर नहीं उपलब्ध कराया. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।

लेबर रूप में पैदल ले गए परिजन

आरोप है कि मजबूरी में परिजन गर्भवती को पैदल ही लेबर रूम ले जा रहे थे. रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई और नवजात फर्श पर गिर गया. परिजनों का कहना है कि इसी वजह से बच्चे की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया.

जांच के लिए समिति गठित

मामले की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री, प्रोफेसर डॉ. अमित श्रीवास्तव और सीएमएस डॉ. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। एस.के. वर्मा मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों के बयान दर्ज किए और पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी.

किसकी लापरवाही?

वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के अनुसार महिला के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी थी. प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने कहा कि महिला वार्ड से बाहर पैदल कैसे निकली, इसकी जांच कराई जा रही है. शुरुआती जांच में ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर और तीन स्टाफ नर्सों की लापरवाही सामने आई है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी.