नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने नीट पेपर लीक पर बड़ा प्रदर्शन शुरू किया है. कांग्रेस की टॉप लीडरशिप संसद से निकलकर इस मुद्दे पर सीधे दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर पहुंच गई है. इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद हैं.

आज मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्मदिन भी है. कांग्रेस के नेता पहले राजाजी मार्ग पर जमा हुए फिर एक रणनीति के तहत वे पीएम मोदी के सरकारी आवास 7 लोक कल्याण मार्ग तक पहुंच गए. इनके अलावा कांग्रेस के कई दिग्गज भी इस प्रदर्शन में मौजूद हैं. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इस तरह कांग्रेस ने NEET पेपर लीक पर अपनी और से दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है.

कांग्रेस नेता सांकेतिक हथकड़ी लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. कांग्रेस नेताओं ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की है. राहुल गांधी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के घर की ओर मार्च कर रहे हैं ताकि सोमवार को छात्रों पर जो अत्याचार हुआ है उस पर उनका जवाब मांगा जा सके.

सरकार न तो इसकी कोई ज़िम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर कोई बहस करना चाहती है. भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

इस्तीफा, गृहमंत्री का बयान… कांग्रेस ने केंद्र के सामने रखी 5 मांगें
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के हक और उनकी जायज़ मांगों के साथ है. हम प्रधानमंत्री निवास के बार धरने पर बैठे हैं. इस बुज़दिल तानाशाह सरकार को लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर जवाब देना होगा. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि मोदीशाह हमारे युवाओं के गुनहगार हैं, उनको इस्तीफ़ा देना पड़ेगा.

बड़े राजनीतिक अभियान में बदलना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस अब NEET पेपर लीक के मुद्दे पर संसद की सीमा लांघकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग तक मोर्चा खोल दिया है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत तमाम शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने इस प्रदर्शन के जरिये इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के बहस से जोड़ दिया है.

इससे साफ संकेत गया है कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल शैक्षणिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर बड़े राजनीतिक अभियान में बदलना चाहती है.

जब इस मामले में जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का प्रदर्शन चला तो कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से मांग की थी कि इस प्रदर्शन में कांग्रेस को भी शामिल होना चाहिए.

लेकिन इस आंदोलन में पहुंचने के बजाय कांग्रेस ने खुद इस आदोंलन को लीड करने की रणनीति बनाई और टॉप लीडरशिप के साथ सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर तक पहुंच गई.

इससे कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि वह इस मामले की जिम्मेदारी सीधे शीर्ष नेतृत्व से तय करने की मांग कर रही है. पार्टी का आरोप है कि परीक्षा सिस्टम में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां युवाओं के भरोसे को तोड़ रही हैं और केंद्र सरकार जवाब देने से बच रही है.

जंतरमंतर पर दूसरी पार्टियों का जमावड़ा

जब कांग्रेस का आलाकमान इस मामले पर पीएम मोदी के घर के सामने धरने पर बैठा है तो दूसरी राजनीतिक पार्टियां अपनी हाजिरी जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के धरना स्थल पर लगा रही हैं. मंगलवार को ही एनसीपी बॉस शरद पवार, सुप्रिया सुले जंतर मंतर पहुंचे और अभिजीत दिपके से मुलाकात की. दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल भी आज जंतरमंतर पहुंचे हैं. बुधवार को उद्धर ठाकरे जंतरमंतर पहुंच रहे हैं. समाजवादी पार्टी की नेता डिंपल यादव सोमवार को ही छात्रों के आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले चुकी हैं.

कांग्रेस इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, जबकि सरकार इसे कानून और जांच के जरिए सुलझाने की बात कह रही है. आने वाले दिनों में यह टकराव सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की राजनीति में भी बड़ा असर डाल सकता है.