Saharanpur News: कांवड़ यात्रा को लेकर सहारनपुर से हरिद्वार कांवड़ मार्ग पर कांवड़ियों की चहल पहल बढ़ चुकी है. दूर दराज के क्षेत्र के कांवड़िए गंगाजल लेकर वापसी अपने अपने घरों की तरफ लौटने लगे है. वहीं सहारनपुर से कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। हरियाणा के पिंजौर निवासी दो मासूम भाई भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा के चलते हरिद्वार से गंगाजल लेकर दंडवत प्रणाम करते हुए अपने घर लौट रहे हैं. दोनों भाइयों की उम्र करीब 8 से 12 वर्ष बताई जा रही है और उनकी 260 किलोमीटर लंबी यात्रा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

राजीव दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ रहा है, जबकि उसका छोटा भाई ओंकार उसकी मेट को खींचते हुए हर कदम पर साथ निभा रहा है. इस कठिन यात्रा में पूरा परिवार भी बच्चों के साथ है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। उनकी माता सरोज देवी कंधे पर गंगाजल लेकर चल रही हैं, जबकि पिता अजीत लगातार बच्चों का हौसला बढ़ा रहे हैं.
भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा
परिवार के मुताबिक, वे 11 जुलाई को पिंजौर से रवाना हुए थे और 13 जुलाई को हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल उठाया था. सोमवार, 21 जुलाई को वे सहारनपुर के अंबाला हाईवे पर पहुंचे. उनका कहना है कि यदि यात्रा इसी तरह जारी रही तो वे आने वाले दिनों में अपने गंतव्य तक पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे.
मातापिता भी चल रहे साथ
सरोज देवी बताती हैं कि उन्होंने बच्चों को दंडवत यात्रा करने से मना किया था, लेकिन दोनों भाइयों ने अपनी जिद और श्रद्धा के चलते यात्रा शुरू कर दी. वहीं, पिता अजीत कहते हैं, “हम थक गए हैं, लेकिन बच्चे अभी भी पूरे उत्साह के साथ चल रहे हैं.”
परिवार का कहना है कि उन्होंने कोई मन्नत नहीं मांगी है. वे हर साल कांवड़ लेने जाते हैं और यह यात्रा केवल भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था और समर्पण का प्रतीक है. पिछले वर्ष भी दोनों भाइयों ने दंडवत प्रणाम करते हुए गंगाजल लाकर भोलेनाथ का अभिषेक किया था.



