Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र में 30 वर्षीय प्रेम सागर यादव की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। पुलिस के अनुसार, प्रेम सागर की हत्या किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि उसके ही तीन दोस्तों ने मिलकर की थी. हत्या के पीछे तीन महीने पहले शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद और एक थप्पड़ की बेइज्जती मुख्य वजह बनी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

पुलिस के मुताबिक, रविवार को बैजलपुर ग्राम पंचायत भवन के पास सड़क किनारे प्रेम सागर यादव गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े मिले थे. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. इलाज के दौरान सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई. मृतक के पिता ज्ञानेंद्र यादव की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई.
ऐसे हुआ घटना का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से घटना का खुलासा किया. पूछताछ में सामने आया कि करीब तीन महीने पहले शराब पार्टी के दौरान प्रेम सागर की अजीत कुमार यादव उर्फ सिंटू और अखिलेश यादव से कहासुनी हो गई थी. विवाद इतना बढ़ा कि प्रेम सागर ने गुस्से में अजीत उर्फ सिंटू को थप्पड़ मार दिया था. इसी अपमान का बदला लेने के लिए आरोपियों ने हत्या की साजिश रची.
आरोपियों ने जमकर पिलाई थी शराब
पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई की शाम अखिलेश ने प्रेम सागर को विश्वास में लेकर मिलने बुलाया और उसे जमकर शराब पिलाई. जब वह नशे में हो गया तो अखिलेश ने अपने साथियों अजीत उर्फ सिंटू और सुधीर यादव को बुला लिया. इसके बाद तीनों आरोपी प्रेम सागर को कार में बैठाकर बैजलपुरसीउरा मार्ग पर सुनसान स्थान पर ले गए, जहां लोहे की रॉड और डंडों से उस पर बेरहमी से हमला किया. सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद उसे मृत समझकर सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए.
पुलिस ने इस मामले में संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र निवासी अखिलेश यादव , अजीत यादव उर्फ सिंटू और सुधीर यादव को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है.
तीनों आरोपी गिरफ्तार
क्षेत्राधिकारी गीडा ने बताया कि हत्या बदले की भावना से की गई थी. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वाहन और अन्य साबूत भी बरामद कर लिए हैं. तीनों आरोपियों के खिलाफ आगे कार्रवाई कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है. गौरतलब है कि प्रेम सागर यादव की शादी वर्ष 2022 में हुई थी. पिछले कुछ महीनों से पत्नी से पारिवारिक विवाद के चलते वह अलग रह रही थी. घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है.



