Kalonji Seeds Benefits : कलौंजी का इस्तेमाल भारतीय रसोई में तड़के, अचार और कई व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन बहुत लोग कम जानते हैं यह छोटा सा मसाला सेहत के लिए किसी दवा से कम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कलौंजी के बीजों में थाइमोक्विनोन नामक पावरफुल बायोएक्टिव कंपाउंड होता है, जो अपने एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ऐसे में कलौंजी का अगर सही तरीके से सेवन किया जाए तो यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है।

औषधीय गुणों से भरपूर है कलौंजी के बेशुमार फायदे

  • वजन करता कम

औषधीय गुणों से भरपूर है करने से वजन कम करने में मदद मिलती हैं। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। अगर आप बढ़ते वजन से परेशान है तो उसे कंट्रोल करने के लिए कलौंजी का सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मेटाबॉलिज्म को फास्ट करते हैं जो आपका बढ़ा हुआ वजन कम करने में मददगार है।

  • शुगर लेवल कंट्रोल

कलौंजी से फास्टिंग ब्लड शुगर एचबीएवेसी , बैड कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और लिवर एन्ज़ाइम में इम्प्रूवमेंट होता है। खासकरयह डायबिटीज, फैटी लिवर और बैड कोलेस्ट्रॉल में बेहद फायदेमंद है। तो अगर आपका ब्लड शुगर बढ़ा है आय बैड कोलेस्ट्रॉल इस मसाले का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

  • गट हेल्थ होती है बेहतर

यह पेट की गैस, अपच और सूजन को कम करती है। कलौंजी के बीज पाचक रसों को उत्तेजित कर भोजन को पचाने में मदद करते हैं।

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  • हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमन्द

कलौंजी खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करती है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।

  • सूजन और जोड़ों के दर्द में राहत

कलौंजी में मौजूद ‘थायमोक्विनोन’ में बेहतरीन एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गठिया और में आराम देते हैं।

कैसे करें कलौंजी का इस्तेमाल?

कलौंजी का इस्तेमाल करने के लिए आप इसे पहले रोस्ट कर लें। इसे भुनने से इसके तेल एक्टिव हो जाते हैं, जिससे इसकी खुशबू और गुण दोनों बढ़ जाते हैं।इसका इस्तेमाल आप सीमित मात्रा में ही करें। आधा चम्मच कलौंजी सलाद, दाल या सब्जी में डालकर इसका सेवन आप कर सकते हैं।