Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आर्थिक अपराध के खिलाफ पुलिस और राज्य कर विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर कागजों पर ‘हिम ट्रेड्स’ नामक फर्जी कंपनी चलाने और उसके जरिए 16.26 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस मामले में एसआईटी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है.

राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सिंह की शिकायत पर 12 जनवरी 2026 को थाना इज्जतनगर में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया गया था. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वर्ष 2019 में फर्जी दस्तावेजों के सहारे ‘हिम ट्रेड्स’ नाम से एक फर्जी फर्म बनाई थी. इसी कंपनी के नाम पर फर्जी जीएसटी चालान और बिल जारी कर अलगअलग व्यापारियों को बेचे जाते थे. इन चालानों का इस्तेमाल कर कारोबारी गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम कर रहे थे, जिससे सरकार को करीब 16.26 करोड़ रुपये का चूना लगा.

SSP के निर्देश पर गठित SIT ने नैनीताल रोड से दबोचा

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था. SIT ने थाना कैंट और इज्जतनगर पुलिस टीम के साथ मिलकर नैनीताल रोड से दो मुख्य आरोपियों हिमांशु कुमार और कुंवर सनोज मौर्य को धर दबोचा. पुलिस ने दोनों आरोपियों को 25 जुलाई को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

आरोपी हिमांशु ने खुलासा किया कि उसने हुमेर उर्फ मुबारक खान के कहने पर 3 लाख रुपये के लालच में फर्जी कंपनी बनाई थी. वहीं सनोज मौर्य ने माना कि वह कमीशन लेकर फर्जी बिल तैयार कराता था और अब तक 7 लाख रुपये कमा चुका है.

बरामदगी और आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए हैं. गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, 852 रुपये नकद, पैन कार्ड, बैंक खातों के पेपर्स और कई संवेदनशील दस्तावेज बरामद किए गए हैं. जांच में सामने आया कि आरोपी कुंवर सनोज मौर्य शातिर जालसाज है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। उसके खिलाफ वर्ष 2020 में थाना सुभाषनगर में धोखाधड़ी और साजिश का आपराधिक मुकदमा पहले से दर्ज है.

नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारियों पर कसने लगा शिकंजा

SSP अनुराग आर्य के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा केवल इन दो लोगों तक सीमित नहीं है. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस फर्जी फर्म से किनकिन व्यापारियों ने नकली बिल खरीदकर टैक्स चोरी की है. साथ ही गिरोह के सरगना हुमेर उर्फ मुबारक खान और अन्य सहयोगियों की तलाश तेज कर दी गई है. जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.