ईरानअमेरिका में चल रहे युद्ध के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य हमलों पर फिलहाल रोक लगाने का फैसला किया है. लगातार 13 दिनों तक हर दिन हवाई हमले करने के बाद शुक्रवार को पहली बार ट्रंप ने अमेरिकी सेना को नए हमले नहीं करने का आदेश दिया. माना जा रहा है कि यह फैसला ईरान के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है. यह दावा अमेरिकी न्यूज चैनल Axios की एक रिपोर्ट में किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचा. इस दौरान दोनों देशों के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा पूरी तरह खोलने को लेकर बातचीत हुई. सूत्रों का कहना है कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है. ओमान और ईरान के बीच सप्ताहांत तक एक समझौता हो सकता है. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप तय करेंगे कि इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए या नहीं. हालांकि अमेरिका ने फिलहाल नए हवाई हमले नहीं किए हैं, लेकिन उसकी सेना पूरी तरह तैयार है. अगर भविष्य में राष्ट्रपति ट्रंप आदेश देते हैं तो अमेरिकी सेना बहुत कम समय में दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकती है. यानी हमले केवल रोके गए हैं, पूरी तरह खत्म नहीं किए गए हैं.

तेल की कीमतों में मिलेगी राहत?

इससे युद्ध का खतरा कुछ कम हुआ और तेल बाजार को राहत मिली है. असर यह हुआ कि रविवार तक ब्रेंट क्रूड ऑयल 3.88% गिरकर 96.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 3.12% की गिरावट के साथ 89.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. हालांकि, इंडियन बास्केट की कीमत 103.3 डॉलर प्रति बैरल बनी हुई है. इंडियन बास्केट भारत की ओर से अलगअलग जगह से आयात किए जाने वाले कुल कच्चे तेल की औसत कीमत को दिखाता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुलता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है. भारत के लिहाज तेल की कीमतें इसलिए मायने रखती हैं क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी तेल विदेशों से आयात करता है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में शांति की संभावना तेल कीमतों में गिरावट की वजह बन सकती है.

बातचीत और समझौते का रास्ता खुला

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो हफ्तों से हर दिन अमेरिकी सैन्य अधिकारी ट्रंप के सामने हमलों की योजना पेश कर रहे थे और कुछ ही घंटों में उन पर कार्रवाई हो जाती थी. लेकिन शुक्रवार को जब सेना ने नई कार्रवाई का प्रस्ताव रखा, तो ट्रंप ने उसे मंजूरी नहीं दी और हमले रोकने का निर्देश दिया. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास ईरान पर और भी बड़े हमले करने की पूरी क्षमता है. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म कर सकता है. हालांकि उनका मानना है कि युद्ध से बेहतर रास्ता बातचीत और समझौता है.

क्या है होर्मुज के हालात

ट्रंप ने कहा, “हम इस समय ईरान से बातचीत कर रहे हैं. मुझे लगता है कि वे पहले से ज्यादा गंभीर हो रहे हैं. हमारी सेना पूरी तरह तैयार है, लेकिन फिलहाल बातचीत जारी है.” इस बीच ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ईरान में रात शांतिपूर्ण रही.” वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी पिछले 13 दिनों की तरह किसी नई सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की. हालांकि होर्मुज को लेकर क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है और हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं.