Shivpuri Crime News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक नरवर किले से प्राचीन तोप गायब होने के मामले में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है. मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस की टीमों ने आपसी तालमेल से एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर वारदात में शामिल दो आरोपियों को धर दबोचा है. इसके साथ ही वारदात में प्रयुक्त पिकअप लोडिंग गाड़ी को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है.

घटना के तुरंत बाद पुलिस टीमों ने नरवर किले के आसपास और प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV फुटेज खंगाले. फुटेज खंगालने के दौरान एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी दिखाई दी. गाड़ी की नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस को सुराग मिला कि वाहन राजस्थान का है. इस सुराग का पीछा करते हुए पुलिस टीम राजस्थान के करौली जिले में हिंडौन सिटी के अंतर्गत आने वाले मीणा गांव पहुंची.
आपसी विवाद में चोरी का शक, जमीन में गाड़कर रखी गई तोप
राजस्थान में आरोपियों तक पहुंचने के दौरान पुलिस को घटना से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। सूत्रों के अनुसार, करौली के हिंडौन सिटी क्षेत्र में किसी आपसी विवाद के चलते इस ऐतिहासिक तोप को चुराने की साजिश को अंजाम दिया गया था. स्थानीय लोगों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपियों ने तोप को जमीन में गाड़कर छिपा दिया है. सूचना के आधार पर MP और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त रूप से जमीन की खुदाई कराई, हालांकि तोप अभी बरामद नहीं हो सकी है. पुलिस ने मौके से दो मुख्य संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है.
तोप की बरामदगी और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भले ही ऐतिहासिक तोप अभी हाथ नहीं आई है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी से पूरा मामला साफ हो चुका है. पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है ताकि तोप की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके. दोनों राज्यों की पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही तोप को बरामद कर इस चोरी के पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया जाएगा.



