National Parents Day: मातापिता हमारे जीवन के पहले टीचर, पहले गुरु, पहले दोस्त और हर पल मार्गदर्शक दिखाने वाले होते हैं। बच्चों के जन्म से लेकर जीवन के हर मोड़ पर बिना किसी स्वार्थ के साथ देते हैं। उनकी मेहनत, त्याग और प्यार ही हमारे व्यक्तित्व की नींव रखता है।

इन्हीं अनमोल रिश्तों को सम्मान देने के लिए हर साल जुलाई के चौथे रविवार को नेशनल मनाया जाता है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इस दिन का उद्देश्य मातापिता के प्रेम और समर्पण के लिए उनका आभार व्यक्त करने का है।
नेशनल पेरेंट्स डे का इतिहास
नेशनल पेरेंट्स डे को मनाने की शुरुआत 8 मई 1973 को दक्षिण कोरिया में हुई थी, हालांकि दक्षिण कोरिया में इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए 8 मई का दिन चुना गया था। वहीं पेरेंट्स डे की ऑफिशियल शुरुआत 1994 में अमेरिका से हुई। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने एक कानून पर हस्ताक्षर कर जुलाई के चौथे रविवार को National Parents’ Day घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्येश्य देना है, जो अपने बच्चों के पालनपोषण और उनके बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करते हैं।
पेरेंट्स डे
नेशनल पेरेंट्स डे का महत्व
आज की व्यस्त जीवनशैली में अक्सर हम अपने मातापिता के साथ पर्याप्त समय नहीं बिता पाते। नेशनल पेरेंट्स डे हमारे लिए रिमाइंडर की तरह है, जो याद दिलाता है कि जिंदगी से थोड़ा विराम लेकर उनके प्रति सम्मान, प्रेम और आभार व्यक्त किया जाए।
पेरेंट्स डे
नेशनल पेरेंट्स डे मनाने का तरीका
- मातापिता के साथ पूरा दिन या कुछ खास समय बिताएं।
- उन्हें दिल से थैंक यू कहें और उनका आभार व्यक्त करें।
- उनके साथ लंच या डिनर पर जा सकते हैं।
- उन्हें एक हैंड रीटेन लेटर, ग्रीटिंग कार्ड या छोटासा उपहार दें।
- पुरानी पारिवारिक तस्वीरें देखें और यादगार पलों को दोबारा जीएं। उन तस्वीरों से जुड़ी यादों के बारे में बात करें।
- परिवार की कहानियां और अनुभव सुनें, ताकि अगली पीढ़ी भी उनसे जुड़ सके।
- उनके साथ तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर साझा करें और उन्हें खास महसूस कराएं। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
- उनके स्वास्थ्य और जरूरतों का ध्यान रखें।
- उनके अनुभवों से सीखें और उन्हें अपने जीवन में अपनाएं।
- उन्हें यह महसूस कराएं कि वे आपके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा



