आजकल भारतीय बाजार में टर्बो इंजन वाली गाड़ियों का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है. कंपनियां छोटे साइज के इंजन से भी दमदार पावर और बेहतरीन परफॉर्मेंस निकालने के लिए धड़ल्ले से टर्बो पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल कर रही हैं. कम सीसी के इंजन में ज्यादा पिकअप मिलना वाकई एक बड़ा फायदा है.

लेकिन, जो लोग पहली बार टर्बो कार चला रहे हैं, उन्हें शुरुआत में एक अजीब सी दिक्कत महसूस होती है. सीधे शब्दों में कहें तो जैसे ही आप गाड़ी की रफ्तार बढ़ाने के लिए एक्सीलेटर दबाते हैं, तो इंजन से तुरंत पूरी पावर नहीं मिलती. रेस दबाने और गाड़ी के भागने के बीच में कुछ सेकेंड का जो गैप या ठहराव आता है, उसी को टर्बो लैग कहते हैं.
यही वजह है कि कई बार ट्रैफिक में या रुकने के बाद जब आप गाड़ी चलाते हैं, तो शुरुआती पिकअप थोड़ा ढीला लगता है. पर अच्छी बात यह है कि घबराने की कोई बात नहीं है. ड्राइविंग की कुछ छोटीमोटी आदतें बदलकर आप इस टर्बो लैग को लगभग गायब कर सकते हैं और अपनी गाड़ी से रॉकेट जैसा पिकअप ले सकते हैं.
सही गियर और RPM का खेल समझें
टर्बो इंजन का असली मजा सही गियर और सही .अक्सर नए ड्राइवर एक गलती करते हैं; वे गाड़ी को बहुत कम स्पीड और बड़े गियर में चलाते हैं, जिससे RPM काफी नीचे गिर जाता है. अब ऐसे में जब अचानक ओवरटेक करने के लिए वे पूरा एक्सीलेटर दबाते हैं, तो इंजन हांफने लगता है क्योंकि टर्बोचार्जर को एक्टिव होने के लिए पर्याप्त एग्जॉस्ट गैसें नहीं मिल पातीं. इसलिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए.
गियर डाउन करें: चला रहे हैं और अचानक स्पीड बढ़ानी है, तो तुरंत एक गियर नीचे लाएं. इससे RPM बढ़ेगा, टर्बो तुरंत एक्टिव होगा और गाड़ी बिना किसी लैग के आगे भागेगी.
ऑटोमैटिक का सही इस्तेमाल: अगर आपके पास ऑटोमैटिक कार है, तो ओवरटेकिंग के समय ‘स्पोर्ट मोड’ लगा लें या फिर स्टीयरिंग के पास दिए पैडल शिफ्टर्स से खुद गियर डाउन कर लें.
लो RPM से बचें: लगातार बहुत कम RPM पर गाड़ी खींचने से न केवल पिकअप मरता है, बल्कि इंजन पर भी बुरा असर पड़ता है. इंजन को उसकी सही रेंज में रखकर ही टर्बो का असली थ्रिल मिलता है.
मेंटेनेंस और रोजमर्रा की आदतें
टर्बो इंजन नॉर्मल इंजन के मुकाबले थोड़ा ज्यादा सेंसिटिव होता है, इसलिए यह थोड़ी एक्स्ट्रा केयर मांगता है. अगर आप इसकी देखरेख सही से करेंगे, तो टर्बो लैग की समस्या वैसे ही आधी हो जाएगी.
टाइम पर सर्विसिंग
टर्बोचार्जर बहुत हाई स्पीड और भारी तापमान पर काम करता है. इसे ठीक से काम करने के लिए बेहतरीन लुब्रिकेशन की जरूरत होती है. इसलिए कंपनी के बताए समय पर इंजन ऑयल और एयर फिल्टर जरूर बदलवाएं. गंदे एयर फिल्टर की वजह से टर्बो को पर्याप्त हवा नहीं मिलती, जिससे लैग बढ़ जाता है.
वॉर्मअप और कूलडाउन का नियम
कार सुबह स्टार्ट करते ही न भगाएं: जब आप सुबह या लंबे समय बाद कार स्टार्ट करें, तो तुरंत एक्सीलेटर दबाकर गाड़ी न दौड़ाएं. कम से कम 30 से 60 सेकेंड के लिए इंजन को आइडल छोड़ दें. इससे ऑयल पूरे टर्बो सिस्टम में अच्छे से पहुंच जाता है.
सफर खत्म होने पर तुरंत बंद न करें: जब आप हाईवे पर तेज गाड़ी चलाकर आ रहे हों या लंबी ड्राइव के बाद रुकें, तो इंजन को तुरंत बंद न करें. गाड़ी खड़ी करके करीब 1 मिनट तक इंजन चालू रहने दें. इससे टर्बो धीरेधीरे ठंडा हो जाता है. अगर आप तुरंत बंद कर देंगे, तो टर्बो के अंदर मौजूद तेल जल सकता है और टर्बो खराब हो सकता है.



