विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में बिल पेश किया। इस दौरान विपक्ष ने लगातार विरोध और नारेबाजी की।

विपक्षी सांसदों ने ‘मोदीशाह छात्रों से माफी मांगो’ के नारे लगाए। इसके कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा भी 2 बजे तक स्थगित है।

इससे पहले सुबह 11 बजे भी शोरशराबे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। विपक्ष ने संसद के बाहर मकर द्वार पर भी प्रदर्शन किया। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों के नेता NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब की मांग कर रही है।

उधर, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद सोमवार को पहली बाहर संसद पहुंचे। NDA सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और संसद भवन के अंदर तक ले गए। सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को इस्तीफा दिया था।

2024 में बने कानून में बदलाव होंगे, सजाजुर्माना दोनों बढ़ेंगे

केंद्र सरकार 2024 में बने कानून में बदलाव के लिए संशोधन बिल लेकर आई है।
इसमें पेपर लीक के आरोपियों के लिए और कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार मिलेगा, जहां मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।
यह कानून केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा।
इनमें UPSC, SSC, रेलवे भर्ती, बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं, NTA और अन्य केंद्रीय भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं।
सरकार ने यह संशोधन NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बाद लाया है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। पीएम मोदी ने 23 जुलाई को कानून को और सख्त बनाने का ऐलान किया था। बाद में इंफोसिस कोफाउंडर नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर्ड टास्क फोर्स बनाने की भी घोषणा की गई।