IMD Weather Alert: देश के अलगअलग राज्यों में बारिश ने भारी तबाही मचाई है.सबसे भयावह स्थिति असम में बनी हुई है. लगातार बारिश और नदियों के उफान के कारण राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है, जबकि 5.24 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं. सबसे ज्यादा असर शिवसागर, चराईदेव और नाजिरा क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. हजारों घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कई गांवों में घरों के भीतर पांच फुट तक कीचड़ जमा है, जिससे लोगों के लिए अपने घरों में रहना मुश्किल हो गया है.

कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरेधीरे कम हो रहा है, लेकिन हालात अब भी सामान्य नहीं हैं. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। खेत, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि लोगों का राशन, कपड़े और घरेलू सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है. कई गांवों तक अब भी सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं है और नाव ही लोगों का एकमात्र सहारा बनी हुई है. राहत शिविरों में हजारों लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं भोजन, स्वच्छ पेयजल और राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं.

उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

उत्तराखंड में लगातार बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं. मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इन जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है, जबकि शेष जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं.

टिहरी में नदियां उफान पर, स्कूलों में अवकाश

टिहरी जिले में मूसलाधार बारिश के चलते भिलंगना, बालगंगा, नैलचामी और भागीरथी समेत कई नदियां उफान पर हैं. लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. हालात को देखते हुए घनसाली उपजिलाधिकारी ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है. जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

हिमाचल में 108 सड़कें बंद, फ्लैश फ्लड का खतरा

हिमाचल प्रदेश में भी मानसून का असर लगातार बना हुआ है. मौसम विभाग ने 28 से 31 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अचानक बाढ़ की चेतावनी दी गई है. लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 108 सड़कें बंद हैं, जबकि 38 पेयजल योजनाएं और नौ बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं. सबसे अधिक सड़कें मंडी और कुल्लू जिलों में बंद हैं.

एक अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में एक अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई इलाकों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. लोगों को नदीनालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.

लगातार बारिश और बाढ़ ने असम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. असम में लाखों लोग अब भी राहत और पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल में प्रशासन संभावित आपदाओं से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है. आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है.