Night Habits For Healthy Aging: बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त कमजोर होना और सोचनेसमझने की क्षमता में बदलाव आना स्वाभाविक है। स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर उम्र संबंधी समस्याओं को कम किया जा सकता है। अच्छी नींद, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और सही समय पर खाना जैसी आदतें न केवल शरीर बल्कि बढ़ती उम्र और याददाश्त के लिए भी फायदेमंद हो सकती हैं।

रात में जल्दी डिनर करने के फायदे
क्या आप रात का खाना ठीक सोने से पहले खाते हैं”https://navbharatlive.com/health/healthcaretipsafter30identifysilentdiseasesandsymptoms1661915.html”>मेटाबॉलिज्म और ब्रेन हेल्थ पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
क्या कहती है रिसर्च?
अमेरिका की Rutgers University के शोधकर्ताओं के अनुसार, दिनभर में खाए जाने वाले हर भोजन का टाइम फिक्स रखना चाहिए, इससे बढ़ती उम्र में सोचनेसमझने की क्षमता में गिरावट का जोखिम कम होता है। शोध में पाया गया कि लंबे समय तक लगातार कुछ न कुछ खाते रहने की बजाय भोजन के बीच पर्याप्त अंतर रखने से शरीर की जैविक प्रक्रियाओं को आराम मिलता है, जिसका असर मस्तिष्क पर भी पड़ सकता है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
वहीं, हार्वर्ड के एक्सपर्ट का कहना है कि दिमाग को लंबे समय तक हेल्दी बनाए रखने के लिए सिर्फ क्या खाना है, यह जरूरी है और इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि कब खाना है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और के साथ सही डिनर टाइम बढ़ती उम्र में भी लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों को दूर रखता है।
सोने और भोजन के बीच 34 घंटे का गैप क्यों है जरूरी?
खाना खाने के तुरंत बाद सो जाने से शरीर पाचन का काम में लगा रहता है। यदि डिनर और नींद के बीच 34 घंटे का अंतर रखा जाए, तो शरीर को भोजन पचाने का पर्याप्त समय मिलता है। इससे रात की नींद बेहतर होती है और बॉडी रिपेयर होता है, साथ ही ब्रेन का क्लीन अप भी ढंग से हो पाता है।
देर रात खाने के नुकसान?
- पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
- शरीर की जैविक घड़ी यानी Circadian Rhythm गड़बड़ हो सकती है।
- लंबे समय में मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ सकता है।
- यह मेमोरी को भी प्रभावित कर सकता है।
दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
- रात का खाना सोने से 34 घंटे पहले खा लें।
- रोज एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें।
- सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।
- नियमित रूप से वॉक, योग या एक्सरसाइज करें।
- फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट से भरपूर संतुलित आहार लें।
- शराब और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।



