चंडीगढ़/रेवाड़ी: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. हरियाणा की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने सोमवार को महिलाओं की शॉटपुट F57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए भारत को गोल्ड मेडल दिलाया. स्कॉटलैंड में आयोजित प्रतियोगिता में शर्मिला की इस उपलब्धि ने देश और हरियाणा दोनों का मान बढ़ाया है.

भारत का दमदार प्रदर्शन: दरअसल, कॉमनवेल्थ गेम्स के पांचवें दिन भारत ने कुल छह पदक अपने नाम किए. इनमें शर्मिला धनखड़ का स्वर्ण पदक सबसे बड़ी उपलब्धि रही. इसके अलावा ज्ञानेश्वरी यादव, सर्वेश कुशारे और वल्लूरी अजय बाबू ने रजत पदक जीते, जबकि बिंद्यारानी देवी और शिल्पा के. शायला ने कांस्य पदक हासिल किया. इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई.

जीत के बाद भावुक हुईं शर्मिला:वहीं, अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद शर्मिला धनखड़ ने कहा कि, “अपने देश के लिए मेडल जीतकर मैं बहुत खुश हूं. मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है और मैं आगे भी देश का नाम रोशन करती रहूंगी. यह मेरा सपना था और मेरी मां का भी. मैंने यह गोल्ड मेडल कड़ी मेहनत से जीता है. मेरी मां बहुत खुश होंगी. मैंने यह मेडल उन्हीं के लिए जीता है. अब एशियन गेम्स और ओलंपिक्स की बारी है. यह मेरा पहला मेडल है और भविष्य में मैं और भी कई मेडल जीतूंगी.”

मुख्यमंत्री ने दी बधाई:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शर्मिला धनखड़ को ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि, “शर्मिला धनखड़ के शानदार प्रदर्शन ने देश और हरियाणा का नाम रोशन किया है. उनकी यह सफलता राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.” मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि, “प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है.”

पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ को सीएम ने दी बधाई
जानें कौन हैं शर्मिला धनखड़?: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के छितरौली गांव में शर्मिला का जन्म हुआ. शर्मिला 39 साल की हैं. शर्मिला धनखड़ की शादी रेवाड़ी में हुई है. मौजूदा समय में वो रेवाड़ी शहर के सनसिटी क्षेत्र में परिवार के साथ रहती हैं. बचपन में पोलियो के कारण उनका एक पैर खराब हो गया था. लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। उन्होंने 34 वर्ष की उम्र में पैरा एथलेटिक्स की शुरुआत की और शॉटपुट के साथसाथ डिस्कस थ्रो में राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते. उनके जीवन में कई उतारचढ़ाव आए. 26 वर्ष की उम्र में उनकी पहली शादी टूट गई. इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की. शर्मिला दो बेटियों की मां हैं. उनकी बड़ी बेटी अनुज 17 वर्ष साल की है और छोटी बेटी लक्ष्मी 13 साल की है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। दोनों ही राज्य स्तर की खिलाड़ी हैं, जिन्हें वह खेलों में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित और प्रशिक्षित कर रही हैं.

रोडवेज में मिली थी नौकरी:साल 2018 में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी हड़ताल के दौरान उन्हें राज्य की पहली महिला कंडक्टर के रूप में नौकरी मिली, लेकिन हड़ताल खत्म होने के बाद यह नौकरी चली गई. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेल पर पूरा फोकस किया.