हम कोई भी सामान ख़रीदते हैं तो उसके पीछे एक्सपायरी डेट ज़रूर देख लेते हैं. ख़ासतौर से मेडिसिन वगैरह में तो ध्यान से चेक करते ही हैं. मगर क्या कभी आपने कंडोम ख़रदीते वक़्त एक्पायरी डेट चेक करने का सोचा है?

हालांकि, सवाल तो ये है कि क्या कंडोम की भी कोई एक्सपायरी डेट होती है? और अगर होती भी है तो फिर एक कंडोम अपनी मैनुफ़ैक्चरिंग डेट से कितने वक़्त तक यूज़ करने के लिए सही रहता है? आइए जानते हैं-
क्या कभी एक्सपायर होता है कंडोम?
इसका सीधा सा जवाब है हां. हर सामान की तरह कंडोम भी एक्सपायर होता है. इसलिए कभी भी कंडोम खरीदा जाए तो उसकी मैनुफ़ैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट हमेशा देख लेनी चाहिए. ज़्यादातर कंडोम की एक्पायरी डेट एक से पांच साल के बीच होती है.
कई बार समय से पहले भी कंडोम ख़राब हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर कंडोम को अच्छे से नहीं रखा जाए तो भी ये खराब हो सकता है. ऐसे में अगर कंडोम सूखा हो या फिर चिपचिपा हो या फिर कुछ टाइट लगे तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और दूसरे कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए.
ख़राब कंडोम इस्तेमाल करने का नुक़सान
ख़राब कंडोम या एक्सपायरी कंडोम का इस्तेमाल करना कई मुश्किलों को दावत दे सकता है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ज़ाहिर है कि हम कंडोम का इस्तेमाल यौन रोगों और अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए करते हैं.
वहीं, एक टाइम बाद कंडोम टूटना शुरू हो जाता है और लुब्रिकेंट खत्म होने लगता है. इससे कंडोम में छेद होने और फटने के चांस बढ़ जाते हैं. अगर ऐसा होता है तो फिर जिस वजह से हम कंडोम इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका कोई फ़ायदा नहीं होगा. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।



