Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सर्राफा व्यापारी के 10 वर्षीय पोते की हत्या करने वाला आरोपी सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट ने अपना जुल्म कबूल किया है. उसने बताया है कि वह 36 लाख रुपए कर्ज में था,जिसका किस्त वह नहीं भर पा रहा था. इसी वजह से उसके पिता उसे ताना मारते थे, जिससे परेशान होकर उसने सर्राफा व्यापारी के 10 वर्षीय पोते वैभव के अपहरण करने की योजना बनाई. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में AI की मदद से जानकारी जुटाई की बिश्नोई गैंग किस तरीके से काम करता है.जिसके बाद उसने सर्राफा व्यापारी के पोते का अपहरण करने की योजना बनाई. उसने इंटरनेट से 199 में कंबोडिया का मोबाइल नंबर खरीदा और उस नंबर से उसने व्हाट्सएप अकाउंट भी बनाया.

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सोमवार को उसने योजना बनाई थी. आरोपी युवक वैभव का कंप्यूटर टीचर है, उसने वैभव को गिफ्ट देने के बहाने बुलाया. वैभव स्कूल से आने के बाद तुरंत साइकिल लेकर घर से चला गया. इसके बाद आरोपी ने उसे गिफ्ट का लालच देकर साथ में ले गया, लेकिन वैभव के चिल्लाने पर उसने गला दबाकर मार दिया. आरोपी ने मृतक मासूम के शव को बोरी में भर कर अपने मकान के बेसमेंट में रखे अनाज के पास छिपा दिया. उसके बाद आरोपी टीचर ने लिए गए नए नंबर से व्हाट्सएप कॉल करके वैभव के पिता से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी. वैभव के परिवार वालों को शक ना हो इसके लिए वह वैभव के परिवार के साथ उसे खोजने में मदद करने का नाटक कर रहा था.
आरोपी का अपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी सर्वेश उर्फ बिट्टू काफी शातिर है. वह वर्ष 2024 में बिहार के एक पेपर लीक मामले में जेल जा चुका है. वह प्रयागराज की नैनी जेल में 40 दिन तक बंद था. जेल में ही उसकी मुलाकात कई शातिर अपराधियों से हुई थी. आरोपी की एक वर्ष पहले ही शादी हुई थी. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल दी है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। व्यापारियों में इसको लेकर काफी आक्रोश है. मृतक 10 वर्षीय वैभव चौथी कक्षा का छात्र था, अभी डेढ़ महीने पहले ही वैभव की मां का निधन हुआ था वो काफी दिन से बीमार चल रही थीं. मृतक वैभव का घर जिस गली में है, वही से कुछ दूरी पर ही आरोपी सर्वेश उर्फ बिट्टू का भी मकान है. बिट्टू के पिता की कपड़े की दुकान है और उसका बड़ा भाई अधिवक्ता है.
पुलिस ने सात लोगों को किया अरेस्ट
फिलहाल पुलिस आरोपी सर्वेश के पिता , भाई पत्नी समेत सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. आरोपी सर्वेश एक कंप्यूटर कोचिंग चलाता है. वैभव के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को हुआ, इसकी वीडियो ग्राफी भी कराई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबा कर हत्या करने की पुष्टि हुई है. पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को परिजनों को सौंप दिया गया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने एनबीएफसी कंपनी से 25 लाख रुपए का कर्ज लिया था जिसका 28700 किस्त आता है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसके अलावा उसने अपने एक दोस्त से 11 लाख रुपए उधार लिए हैं उसके ऊपर 36 लाख रुपए का कर्ज हो गया था.



